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Bacho Ke Aage Badhne Ke Liye Kya Jaruri Hai: आज के समय में लगभग हर माता-पिता के मन में एक बड़ा सवाल रहता है - बच्चे को अच्छी डिग्री दिलाना ज्यादा जरूरी है या उसे ऐसी स्किल सिखाना जो भविष्य में काम आए? बदलते समय के साथ करियर के विकल्प भी तेजी से बदल रहे हैं। पहले जहां केवल डिग्री को ही सफलता की कुंजी माना जाता था, वहीं आज कंपनियां और संस्थान कौशल यानी स्किल को भी उतना ही महत्व देने लगे हैं।
साइकोलॉजिस्ट और महिला एवं मानवाधिकारों की समर्थक डॉक्टर मालिनी सबा कहती हैं कि ‘बच्चों के भविष्य को लेकर निर्णय लेते समय माता-पिता को केवल डिग्री या केवल स्किल में से एक चुनने की जरूरत नहीं है। सही तरीका यह है कि बच्चे की रुचि, क्षमता और समय के अनुसार दोनों का संतुलन बनाया जाए। अगर माता-पिता कुछ बातों का ध्यान रखें, तो यह दुविधा आसानी से दूर हो सकती है।’ आइए इन जरूरी बातों के बारे में जानते हैं।
हर बच्चा अलग होता है। किसी बच्चे को पढ़ाई में ज्यादा रुचि होती है, तो किसी को संगीत, डिजाइन, खेल या तकनीक में। कई बार माता-पिता समाज या रिश्तेदारों के दबाव में बच्चों को ऐसे विषय पढ़ने के लिए कहते हैं जिनमें उनका मन नहीं होता। इससे बच्चे तनाव में आ सकते हैं और उनकी क्षमता भी सही तरीके से सामने नहीं आ पाती। इसलिए सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि बच्चा किस चीज में स्वाभाविक रूप से अच्छा है।
आज की दुनिया में केवल डिग्री होना काफी नहीं है। कंपनियां ऐसे लोगों को पसंद करती हैं जिनके पास व्यवहारिक ज्ञान और व्यावहारिक कौशल भी हो। उदाहरण के लिए, अगर कोई बच्चा इंजीनियरिंग पढ़ रहा है, तो उसे साथ-साथ प्रोग्रामिंग, नई तकनीकों या प्रोजेक्ट पर काम करने का अनुभव भी होना चाहिए। डॉ. मालिनी सबा कहती हैं कि डिग्री ज्ञान देती है और स्किल उस ज्ञान को काम में लाने की क्षमता देती है।
कई माता-पिता बच्चों से बहुत अधिक उम्मीदें रखते हैं। वे चाहते हैं कि बच्चा हर क्षेत्र में सबसे आगे रहे। लेकिन जब बच्चों पर बहुत ज्यादा दबाव पड़ता है, तो वे उलझन और तनावमहसूस करने लगते हैं। इससे उनका आत्मविश्वास भी प्रभावित हो सकता है। माता-पिता को चाहिए कि वे बच्चों को मार्गदर्शन दें, लेकिन उन्हें अपनी पहचान बनाने का मौका भी दें।
आज के समय में करियर के बहुत सारे नए विकल्प सामने आए हैं- जैसे डिजिटल मीडिया, डेटा साइंस, डिजाइन, एनीमेशन, स्पोर्ट्स मैनेजमेंट और कई अन्य क्षेत्र। कई बार माता-पिता इन नए क्षेत्रों के बारे में पूरी जानकारी नहीं रखते और पारंपरिक करियर को ही सुरक्षित मानते हैं। इसलिए जरूरी है कि माता-पिता समय के साथ बदलते करियर विकल्पों के बारे में जानकारी रखें और बच्चों के साथ खुलकर चर्चा करें।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बच्चों में सीखने की आदत विकसित की जाए। अगर बच्चा नई चीजें सीखने के लिए उत्सुक रहेगा, तो वह जीवन में आगे बढ़ने के रास्ते खुद ढूंढ लेगा। डॉ. मालिनी सबा का मानना है कि जो बच्चा सीखना नहीं छोड़ता, वही जीवन में आगे बढ़ता है । इसलिए माता-पिता को बच्चों में जिज्ञासा और आत्मविश्वास को बढ़ावा देना चाहिए।
बच्चों के भविष्य को लेकर डिग्री और स्किल के बीच चुनाव करना जरूरी नहीं है। सही रास्ता यह है कि दोनों को संतुलित तरीके से अपनाया जाए। जब माता-पिता बच्चे की रुचि को समझते हैं, उस पर भरोसा करते हैं और उसे सही मार्गदर्शन देते हैं, तब बच्चा न केवल अच्छी पढ़ाई करता है बल्कि जीवन के लिए जरूरी कौशल भी सीख पाता है। याद रखें, बच्चे की सफलता केवल उसकी डिग्री से नहीं बल्कि उसकी समझ, कौशल और आत्मविश्वास से तय होती है।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।