
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : July 23, 2020 11:46 AM IST
मां बनना हर महिला के लिए एक बहुत ही अलग अनुभव होता है। जो लोग पहली बार पेरेंट्स बनते हैं उनके मन में कई तरह के सवाल रहते हैं। क्योंकि शिशु बोलकर नहीं पाते हैं और अपनी बात को रोकर, चिल्लाकर और हाथ पैर झटक कर अपनी बात कहते हैं, ऐसे में पेरेंट्स के लिए यह चुनौती बन जाता है कि वो किस तरह से नवजात की बात को समझें। ऐसा ही एक सवाल है जो अक्सर नए अभिभावकों के मन में आता है कि शिशु को दूध के साथ पानी पिलाना चाहिए या नहीं। तो आज इस लेख में हम आपको बताने वाले हैं कि स्तनपान करने वाले शिशुओं को पानी पिलाना चाहिए या नहीं!
अगर आपके मन में भी यह सवाल आता है कि नवजात को स्तनपान के साथ थोड़ा-थोड़ा पानी पिलाना चाहिए या नहीं तो इसका जवाब है नहीं। 6 महीने तक के शिशुओं के लिए मां का दूध ही पर्याप्त होता है। इसके साथ उन्हें किसी और चीज की जरूरत नहीं होती है। दरअसल मां के दूध में 88 प्रतिशत पानी होता है, जिससे शिशुओं को पर्याप्त मात्रा में पानी मिल जाता है। साथ ही मां के दूध से कोलोस्ट्रम (गाढ़ा दूध) निकलता है, जो शिशुओं के लिए बहुत अच्छा होता है और उन्हें तमाम रोगों से बचाता है। गर्मियों के मौसम में मां को कोशिश करनी चाहिए कि वह खुद को हाइड्रेट रखें जिससे बच्चा भी दूध के माध्यम से हाइड्रेट रह पाए।
अगर आपके मन में यह सवाल आता है कि आप खुद तो इतना पानी पीती हैं ऐसे में शिशुओं को भी हाइड्रेट रखने के लिए पानी देना चाहिए तो ऐसा भूलकर भी न करें। ऐसा करने से शिशु को पेट दर्द, उल्टी और ओरल वॉटर इंटोक्सिकेश जैसी स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। ओरल वॉटर इंटोक्सिकेश नाम संक्रमण बच्चां के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। हालांकि अगर आप चाहें तो 2-3 चम्मच पानी पिला सकती हैं लेकिन कोशिश करें ऐसा करने से बचा जाए। दरअसल शरीर को पानी की जरूरत तब होती है बच्चा अन्न खाता है। क्योंकि बच्चों को अमूमन 6 महीने के बाद ही ठोस पदार्थ खिलाएं जाते हैं इसलिए उन्हें पानी भी उसी दौरान पिलाया जाता है। यदि मां के स्तनों में दूध की मात्रा कम है तो इस स्थिति में आप डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं कि शिशु को क्या खिलाना चाहिए।