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जूते पॉलिश से लेकर लंच पैक करने तक, 8 साल की उम्र के बाद पेरेंट्स ना करें बच्चों के ये 5 काम

Kids should do their own work: अगर आप अपने बच्चों को समय के साथ आत्मनिर्भर बनाना चाहते हैं तो, उन्हें खुद से अपने काम को करने की सीख दें।

Written by Pallavi |Published : October 5, 2022 3:33 PM IST

बच्चों को एक अच्छी परवरिश देना माता-पिता की जिम्मेदारी होती है। खास कर उन्हें ये बताना कि क्या करना चाहिए और क्या नहीं। ऐसे में जरूरी ये है कि पेरेंट्स सही उम्र में उन्हें सही चीजें बताएं। इसकी शुरुआत उन्हें बचपन से ही करनी चाहिए। खास कर 8 साल की उम्र से जब उनमें चीजों को समझे की शक्ति आ जाती है। इस उम्र में आपको कोशिश करनी चाहिए कि आप अपने बच्चों को बताएं वे अपने कौन से कामों के लिए जिम्मेदार हैं। साथ ही उन्हें कौन-कौन से काम करना (kids should do their own work) चाहिए।

बच्चों को खुद करने दें अपने काम

1. खुद अपने बाल बनाना

आपको अपने बच्चों खुद कुछ कान करने के लिए प्रेरित करना चाहिए जिसमें से एक है अपने बाल खुद ही बनाना। भले ही ये छोटा सा काम है लेकिन इस काम के साथ बच्चे ये समझेंगे कि ये उन्हीं का काम है और उन्हें इसे खुद सही से करना आना चाहिए। क्योंकि, अक्सर देखा गया है कि माता-पिता ये काम लंबे समय कर प्यार से बच्चों के लिए करते रहते हैं और फिर ऐसी ही छोटी-छोटी चीजों के लिए उन पर निर्भर हो जाते हैं।

2. यूनिफॉर्म का सही से रख रखाव

बच्चे अक्सर अपनी यूनिफॉर्म का सही से रख रखाव नहीं कर पाते हैं। स्कूल से आते ही वो इसे यहां-वहां फेंक देते हैं। ऐसी स्थिति में जरूरी ये है कि आप उन्हें बताएं कि अपना यूनिफॉर्म कहां रखना है और कहां नहीं। साथ ही इसे किस तरह से रखना है। इसके अलावा मोजे निकालने के बाद इसे कैसे और कहां रखना है। तो, इन तमाम को ऐसे ही करें।

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3. अपने जूते खुद पॉलिश करना

बच्चों को बताएं कि वे अपने जूते खुद की पॉलिश करें। इससे उन्हें कुछ नई चीजें आएंगी और पता चलेगा कि इस काम को कैसे किया जाता है। तो, अपने बच्चों से कहें कि वो अपने जूते खुद ही पॉलिश करें। इससे एक चीज और होगी कि उनके मन में केयर की एक भावना विकसित होगी। उन्हें अपने जूतों से भी लगाव होगा और साथ ही उनमें साफ-सफाई की भी भावना विकसित होगी।

4. लंच पैक करना

लंच पैक करनेका काम अक्सर मां करती हैं। जबकि, माता-पिता को उन्हें खुद से अपना लंच पैक करना सिखाना चाहिए। उन्हें सिखाना चाहिए कि वो किस तरह से खाने को सही से पैक करके अपने लंच बॉक्स में डाल सकते हैं। ताकि, कभी आप पर काम का प्रैशर हो या आप बिजी हो तो वे अपना ये काम खुद कर सकें।

5. अपने कमरे और किताबों का ध्यान रखना

अपने कमरे और किताबों का ध्यान रखना, बच्चों की जिम्मेदारी होनी चाहिए नाकि माता-पिता की। 8 साल की उम्र के बाद माता-पिता को इस बारे में खास ध्यान रखना चाहिए। बच्चों को बताना चाहिए कि वे अपनी इन चीजों का खुद ही ध्यान रखें, ताकि कोई अन्य समस्या ना हो। इस तरह 8 साल की उम्र के बाद माता-पिता को ये सभी काम उन्हीं को सौंप देना चाहिए।

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