
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Kishori Mishra | Updated : May 16, 2024 2:25 PM IST
Salmon Patch : कुछ नवजात का जन्म बर्थमार्क के साथ होता है। स्किन पर इन बर्थ मार्क का रंग गुलाबी या लाल रंग का होता है, जिसकी वजह से इसे सैल्मन पैच के रूप में भी जाना जाता है। कई माता-पिता शिशुओं की स्किन पर बर्थमार्क देखकर घबरा जाते हैं। हालांकि, स्किन पर इन पैच को देखकर ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं होती है। इस लेख में हम आपको सैल्मन पैच से जुड़े कुछ पहलुओं के बारे में बताएंगे। आइए जानते हैं सैल्मन पैच के बारे में विस्तार से-
नवजात शिशुओं की स्किन पर होने वाली सैल्मन पैच स्किन पर फैली हुई ब्लड वेसल्स या केशिकाएं होती हैं, जिसे मेडिकल भाषा में नेवस सिम्प्लेक्स भी कहा जाता है। वहीं, आम बोलचाल की भाषा में इसे बर्थमार्क के रूप में पहचाना जाता है। ये बर्थ मार्क फ्लैट गुलाबी या लाल रंग के होते हैं। बर्थमार्क हर टाइप की स्किन पर दिखाई दे सकते हैं।
चेहरे पर दिखने वाले सैल्मन पैच को ‘एंजल किस’ कहते हैं। वहीं, गर्दन के पिछले हिस्से पर दिखने वाले सैल्मन पैच को ‘स्टॉर्क बाइट’ कहा जाता है।
स्किन पर होने वाले सैल्मन पैच का रंग गुलाबी या लाल रंग का होता है। यह आइब्रो के बीचों-बीच, मुंह के आसपास, नाक के ऊपर या फिर पलकों के ऊपर हो सकता है। कुछ लोगों को गर्दन के पिछले हिस्से पर भी सैल्मन पैच होता है।
सैल्मन पैच सभी नवजात शिशुओं में होते हैं। हालांकि, जन्म के बाद सिर्फ 70 प्रतिशत लोगों में ही सैल्मन पैच नजर आते हैं। हालांकि, ये पैच लगभग एक से दो साल के अंदर खत्म हो जाते हैं। वहीं, कुछ पैच उसके बाद भी रहते हैं, जो बच्चे की स्किन आजीवन पर बने रहते हैं।
‘एंजल किस’ सैल्मन पैच शिशुओं की स्किन पर लंबे समय तक नहीं टिकता है, ये कुछ साल में ही खत्म हो जाते हैं। अधिकतर मामलों में य 1 साल के अंदर गायब हो जाता है। वहीं, स्टॉर्क बाइट लंबे समय तक बना रहता है।
सैल्मन पैच बनने के कोई ज्ञात कारण नहीं है। यह बर्थमार्क शिशुओं को विरासत से मिलती है। यह किसी तरह की हानि नहीं पहुंचाता है। माता-पिता को यह समझने की जरूरत होती है कि जब बच्चा रोता है या फिर परेशान होता है, तो इस स्थिति में स्किन पर स्ट्रेच होता है, जिसकी वजह से ब्लड वेसल्स काफी साफ नजर आते हैं। धीरे-धीरे ये गायब हो जाते हैं। ऐसे में इसे लेकर अधिक घबराने की जरूरत नहीं होती है।
स्किन पर इसकी मौजूदगी से भी आप इसे आसानी से पहचान सकते हैं, जिसके कुछ लक्षण हैं-
Disclaimer: हमारे लेखों में साझा की गई जानकारी केवल इंफॉर्मेशनल उद्देश्यों से शेयर की जा रही है इन्हें डॉक्टर की सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी बीमारी या विशिष्ट हेल्थ कंडीशन के लिए स्पेशलिस्ट से परामर्श लेना अनिवार्य होना चाहिए। डॉक्टर/एक्सपर्ट की सलाह के आधार पर ही इलाज की प्रक्रिया शुरु की जानी चाहिए।