
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : May 10, 2022 4:29 PM IST
Teaching Kids Life Values: अभिनेता आर.माधवन और उनके बेटे वेदांत इन दिनों खूब चर्चाएं बटोर रहे हैं और इसकी वजह है वेदांत को उनके स्विमिंग करियर में मिल रही सफलता। वेदांत माधवन ने इंटरनेशनल स्तर पर भारत का नाम रोशन कर रहे हैं। वेदांत माधवन ने हाल ही में डेनिश ओपन तैराकी प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल जीता। जिसा वीडियो स्विमिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया और माधवन दोनों ने शेयर किया।
With all your blessings & Gods grace🙏🙏 @swim_sajan and @VedaantMadhavan won gold and silver respectively for India, at The Danish open in Copenhagen. Thank you sooo much Coach Pradeep sir, SFI and ANSA.We are so Proud 🇮🇳🇮🇳🇮🇳🙏🙏 pic.twitter.com/MXGyrmUFsW
— Ranganathan Madhavan (@ActorMadhavan) April 16, 2022
अपनी सफलता के लिए वेदांत माधवन अपने पिता के सपोर्ट और प्रोत्साहन को श्रेय देते हैं। वहीं, माधवन भी बच्चों को हमेशा सपोर्ट करने की बात कहते हैं।बच्चे का दुनिया से पहला परिचय माता-पिता के माध्यम से ही होता है। गर्भधारण से लेकर बड़े होने तक, माता-पिता अपने बच्चे को एक बेहतर इंसान बनने के रूप में लगातार ढालते हैं। बच्चे अपने घर पर, स्कूल में और दोस्तों के साथ खेलते-कूदते समय होनेवाली बातचीत के ज़रिए प्यार (Love), अपनों की फिक्र (Caring), दया और करुणा (kindness and compassion) जैसे मूल्यवान सबक सीखते हैं। ये गुण धीरे-धीरे सीखे जाते हैं और इनमें बच्चे जो देखते-या अनुभव करते हैं उसका योगदान महत्वपूर्ण होता है, लेकिन इन गुणों को सीखने की शुरूआत घर से ही होती है और इसीलिए, बच्चों को यह मानवीय गुण सीखने के लिए घर में अनूकूल माहौल देने की ज़िम्मेदारी माता-पिता की होती है। यह कहना है भारत के सबसे लोकप्रिय अभिनेताओं में से एक आर.माधवन का। (Teaching Kids Life Values in Hindi)
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एक अभिनेता और समाजसेवी के साथ-साथ एक पिता के तौर पर भी आर.माधवन ने अपनी ज़िम्मेदारियों को बखूबी निभाने के प्रयास हमेशा ही किए हैं। उनकी अपने फैंस के बीच एख पढ़े-लिखे, संवेदनशील और संस्कारी अभिनेता के तौर पर है और इसी बात के लिए लोग आर.माधवन का सम्मान करते हैं। वहीं, अभिनेता ने अक्सर अपनी सिम्पल लिविंग, हाई थिकिंग की सीख अपने बच्चों को भी देने से कुछ अनुभव अपने फैंस के साथ भी शेयर किए।
कोरोना महामारी के बाद बच्चों की ज़िंदगी में आए बदलाव और परवरिश के तरीकों के बारे में आर.माधवन ने कहा कि, "डेढ़ साल पहले तक स्थितियां अलग थीं, वहीं, अब बच्चे एक बहुत ही अलग दुनिया में पैदा हो रहे हैं। आज वो केवले अपने घरों की चार दीवारों तक ही सीमित है। ऐसे में माता-पिता को ही उनका मार्गदर्शक बनना होगा और इस मुश्किल और चुनौतीपूर्ण समय में उन्हें अपने बच्चे के डेवलपिंग ईयर्स में सकारात्मक सोच विकसित करने में मदद करनी होगी।"
माधवन कहते हैं कि, देखभाल कई रूपों में की जाती है, और बच्चों के साथ, बच्चा बनकर कदम उठाना चाहिए। अपने बच्चे को अपने आस-पास के सभी लोगों की देखभाल करने के लिए प्रोत्साहित करें, विशेष रूप अपने दादा-दादी की। (Teaching Kids Life Values )
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छोटे कदम एक लंबा रास्ता तय करते हैं जैसे कि एक खिलौना दान करना जो उन्होंने काफी पसंद है या अपने दादा-दादी के लिए कोई ग्रीटिंग कार्ड बनाना।
अगर आपके घर में पौधे और जानवर हैं, तो अपने बच्चे को उसको पालने और गार्डनिंग करने के लिए प्रोत्साहित करें।
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बता दें कि, हाल ही में, माधवन विक्स हैशटैग टचऑफकेयर अभियान में शामिल हुए, जहां उन्होंने महामारी के दौरान दिवंगत बाल रोग विशेषज्ञ ज्ञानेश्वर भोसले की कहानी की सराहना की। डॉ. भोसले ने कोविड के दौरान अपने गांव में वंचित बच्चों की जरूरतों को पूरा करने के लिए अथक प्रयास किया। माता-पिता के रूप में यह महत्वपूर्ण है, हम अपने बच्चों को उनकी कहानियों से परिचित कराएं। उनके जैसे नायकों और कई अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने इस दौरान साहस और बहादुरी का परिचय दिया है।
(आईएएनएस)
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