
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Kishori Mishra | Published : May 6, 2026 8:34 AM IST
Medically Verified By: Dr. Aditya Satish Kulkarni
red color poo in kids
Red Color Stool in Child : छोटे बच्चों की सेहत से जुड़ा हर बदलाव माता-पिता के लिए चिंता का कारण बन सकता है। अगर बच्चे की पॉटी का रंग लाल दिखाई दे, तो इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई बार यह खाने-पीने की वजह से भी हो सकता है, लेकिन कुछ मामलों में यह शरीर के अंदर हो रही किसी गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकता है। ऐसे में सही कारण जानना और समय पर जांच कराना बेहद जरूरी है। इस विषय की जानकारी के लिए हमने मुंबई स्थित नारायणा हेल्थ SRCC चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल के पीडियाट्रिक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और हेपेटोलॉजी, कंसल्टेंट डॉ. आदित्य कुलकर्णी से बातचीत की है। आइए डॉक्टर से जानते हैं बच्चों की पॉटी का रंग लाल क्यों नजर आता है?
डॉक्टर कुलकर्णी कहते हैं कि अगर पॉटी में चमकीला लाल रंग दिखाई दे, तो यह स्टूल में खून होने का संकेत हो सकता है। बच्चों में कब्ज की वजह से मल त्याग करते समय गुदा के आसपास छोटी दरार पड़ सकती है, जिससे खून निकल सकता है। यह बच्चों में लाल पॉटी का एक आम कारण हो सकता है।
बच्चों की पॉटी का रंग लाल होना आंतों में इन्फेक्शन की ओर भी इशारा करता है। इसके साथ दस्त, पेट दर्द, उल्टी, बुखार या कमजोरी जैसे लक्षण भी नजर आ सकते हैं। ऐसे मामलों में बच्चे के शरीर में पानी की कमी होने का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए तुरंत जांच जरूरी है।
कुछ बच्चों में दूध से एलर्जी या आंतों में सूजन जैसी समस्याओं के कारण भी पॉटी में खून आ सकता है। नवजात और छोटे शिशुओं में यह समस्या अधिक देखी जाती है। अगर बार-बार लाल पॉटी हो रही है, तो डॉक्टर स्टूल टेस्ट या अन्य जांच की सलाह दे सकते हैं।
डॉक्टर कहते हैं कि हर बार लाल रंग की पॉटी का मतलब खून आना नहीं होता। अगर बच्चे ने हाल ही में चुकंदर, टमाटर, लाल रंग की कैंडी, जेली, ड्रिंक या फूड कलर वाले स्नैक्स खाए हैं, तो पॉटी का रंग लाल नजर आ सकता है। कुछ दवाइयां और आयरन सप्लीमेंट्स भी स्टूल के रंग में बदलाव ला सकते हैं। हालांकि, अगर यह बदलाव लगातार बना रहे या बच्चा असहज दिखे, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
अगर लाल पॉटी के साथ बच्चा सुस्त या कमजोर लगे, तेज बुखार हो, लगातार उल्टी या दस्त हो, पेट में तेज दर्द हो, पॉटी में बार-बार खून आए और बच्चा दूध या खाना पीना कम कर दे, तो ऐसे में तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
Disclaimer : बच्चे की पॉटी का लाल रंग हमेशा खतरे की घंटी नहीं होता, लेकिन इसे हल्के में लेना भी सही नहीं है। सावधानी और सही समय पर जांच ही बच्चे की बेहतर सेहत की कुंजी है।
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