10 साल का होते ही बच्चों को जरूर बताएं भगवान राम की 5 बातें, जीवन में कभी नहीं मानेंगे हार

श्रीराम का पूरा जीवन ही प्रेरणा और आदर्शों से भरा हुआ है। माता-पिता अपने बच्चों को रामलला के जीवन से जुड़ी ये अच्छी बातें (Shri Ram's values) सीखा सकते हैं।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : January 22, 2024 2:21 PM IST

Life Values Kids Can Learn From Lord Ram: सब पर राम तपस्वी राजा... ये पंक्तियां राघव श्रीराम के व्यक्तित्व का सबसे अच्छा वर्णन करती हैं। श्रीराम (Shri ram) योद्धा होते हुए भी संतों जैसा संयम और धैर्य रखने के लिए जाने जाते हैं। उनमें शक्ति, बुद्धि और साहस के साथ क्षमा, दया और सबसे साथ आदरभरा व्यवहार करने जैसे गुण थे। श्रीराम की जन्मस्थली अयोध्या (Ayodhya) में बड़ी धूमधाम के साथ श्रीराम मंदिर (Shri Ram Mandir) रामलला के प्राण प्रतिष्ठा (Pran Pratistha) समारोह का आयोजन हुआ और दुनियाभर ने दशरथनंदन राम के महान व्यक्तित्व को याद किया। श्रीराम (Shri Ram ) को एक आदर्श राजा होने के साथ-साथ सबसे अच्छा बेटा भी कहा जाता है। हर माता-पिता का इच्छा होती है कि उन्हें श्रीराम जैसी संतान मिले।

श्रीराम के जीवन से बच्चे बहुत कुछ सीख सकते (things kids can learn from Shri Ram's life) हैं। उनके जीवन के मूल्य, उनके विचार और संदेश ही उनके व्यक्तित्व को सबसे विशेष बनाते हैं। यहां पढ़ें श्रीराम के व्यक्तित्व से जुड़ी कुछ ऐसी ही बातें जो माता-पिता अपने बच्चों को सिखा सकते हैं। (Parenting tips from Lord Rama's teachings in Hindi)

श्रीराम जैसे व्यक्तित्व के लिए बच्चों के सिखाएं ये बातें (Life lesson's children can learn from Shri Ram)

बड़ों का सम्मान करना

अपने पिता के वचन को पूरा करने के लिए श्री राम महल छोड़कर 14 वर्षों तक वन में रहे। पिता के साथ-साथ अपनी तीनों माताओं, गुरूओं के साथ-साथ मां शबरी (Maa Shabari) को भी पूरा सम्मान दिया श्रीराम ने। समय के साथ भले ही दुनिया बदल रही है लेकिन बड़ों को आदर देने की भारतीय परम्परा का महत्व कभी कम नहीं हुआ। बच्चों को सिखाएं कि वे अपने परिवार में बड़े,गुरुओं और अपने दोस्तों को आदर दें। इससे उन्हें भी लोग पसंद करेंगे और इज्जत भी देंगे।

साहसी बनना

श्रीराम ने जीवन में कई मुश्किल स्थितियों का सामना किया और वे हमेशा अपने आदर्शों पर टडे रहे। सही का साथ दिया और गलत बातों के खिलाफ खड़े रहे। बच्चे उनसे सीख सकते हैं कि चाहे जितनी भी कठिन स्थिति हो हमेशा हिम्मत से काम लेना चाहिए।

स्थितियों को स्वीकार करना

जीवन में सबकुछ वैसा नहीं होता जैसा कि हम चाहते हैं। लेकिन, लोगों के लिए इस बात को स्वीकार कर पाना कठिन होता है और इसी वजह से वे परेशान रहते हैं। निराशा और दुख के साथ-साथ दूसरों से जलने और चिड़चिड़ा हो जाने जैसी गलत भावनाएं मन में भरने लगती हैं। इन सबसे बचने का एक ही तरीका है और वह है जीवन को उसी तरीके से स्वीकार करना जैसा कि वह आपके सामने आता है। श्रीराम ने अपने रास्ते में आनेवाली सभी कठिनाइयों का सामना किया और हर स्थिति को स्वीकार किया। इसीलिए वे हमेशा शांत रह सके।

लोगों की मदद करना

सुग्रीव से लेकर विभिषण तक सबकी सहायता के लिए सियापति राम हमेशा तैयार रहे। उन्होंने हमेशा उस व्यक्ति की मदद की जिन्हें उनकी सहायता की जरूरत थी। बच्चों को सिखाएं कि वे उन लोगों की सहायता करें जो उनसे मदद मांगे या किसी मुश्किल स्थिति से गुजर रहे हों।

भाई-बहनों से प्यार करना

राम जैसा भाई..यह कहावत आपने भी सुनी ही होगी। हम सभी जानते हैं कि राम अपने भाई लक्ष्मण (Lakshman), भरत (Bharat) और शत्रुघन (Shratughan) से बहुत प्रेम करते थे। वहीं, भाइयों के मन में भी श्रीराम के प्रति प्यार और श्रद्धा कभी कम ना हुई। राम के वनवास पर जाने के निर्णय के बाद लक्ष्मण उनके साथ वन गए वहीं, भरत महल में रहकर भी तपस्या करते रहे। भाइयों के बीच अच्छे संबंधों का इससे अच्छा उदाहरण और क्या हो सकाता है। बच्चों को श्रीराम के जीवन से प्रेरणा लेकर अपने भाई बहनों साथ प्यारभरा रिश्ता बनाने के लिए प्रेरित करें।