
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : May 18, 2022 7:31 AM IST
Tips to stop child from saying bad words: छोटे बच्चों के मुंह से निकले शब्द बहुत प्यारे लगते हैं। खासकर, जब बच्चे बड़ों की तरह बातें करने लगें तो उनके आसपास के लोग मंत्रमुग्ध होकर बच्चों को देखते ही रह जाते हैं। वहीं, कई बार बच्चे बड़ों की देखादेखी बुरा बर्ताव करने लगते हैं और अपने आसपास के लोगों को गालियां देना सीख जाते हैं। जाहिर है इस तरह के शब्द बच्चे अपने घरवालों के अलावा आस-पड़ोस के लोगों को भी देने लगते हैं, जिसके कारण कई बार पड़ोसी शिकायत भी कर देते हैं और बच्चों को डांट भी पड़ जाती है। जब बच्चे इस तरह की आदत सीख लेते हैं तो मां-बाप को क्या करना चाहिए, इसके बारे में बात करते हैं इस आर्टिकल में। (Tips to stop child from saying bad words in Hindi)
जब बच्चे गाली-गलौज करना सीख जाते हैं तो इसकी वजह उसके माता-पिता या आस-पास के लोग ही होते हैं जिनके मुंह से वह गालियां सुनते हैं और दोहराते हैं। इसीलिए, जब भी बच्चे के साथ हों तो अपनी बातचीत के लहजे पर ध्यान दें, बच्चों के सामने किसी से बहस या झगड़ा करने से बचें। आपके मुंह से निकलें अपशब्द बच्चे के सामने गलत उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। इसीलिए, अगर आप गाली-गलौज वाली भाषा का इस्तेमाल करेंगे तो बच्चे भी गाली देना ही सीखेंगे। इसीलिए, बच्चों के सामने गाली देने की आदत ना दोहराएं।
जब बच्चे गाली-गलौज शुरू कर देते हैं तो, उनके माता-पिता उन्हें तुरंत डांट देते हैं या एक थप्पड़ लगा देते हैं। लेकिन, ऐसा करने से बात बनने की बजाय बिगड़ सकती है। डांट या पिटाई से बच्चे जिद्दी और हठी बन सकते हैं और उनकी गाली देने की आदत और भी बिगड़ सकती है। इसीलिए, बच्चों को तब समझाएं जब उनका गुस्सा शांत रहे। उनसे कहें कि अगर वे इसी तरह गाली देते रहेंगे तो बाकी बच्चे उनके साथ रहना बंद कर देंगे और स्कूल या ट्यूशन जैसी जगहों पर भी लोग उसे नापसंद करने लगेंगे।
घर में गाली-गलौज से बचने के साथ-साथ आस-पास के लोगों और पास-पड़ोस में भी बच्चों को गाली देने वालों से दूर रखने के प्रयास करें। अगर बच्चा किसी ऐसे व्यक्ति को ऑब्जर्व करता है जो गालियां देते हैं तो बच्चे को उनके व्यवहार के बुरे परिणामों के बारे में समझाएं। ताकि बच्चा गाली-गलौज को नॉर्मल समझकर उस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना ना शुरू कर दे।
चूंकि किसी को भी गाली देना अच्छा और सभ्य व्यवहार नहीं माना जाता। इसीलिए, बच्चों को समझाएं कि अच्छे बच्चे किसी को गाली नहीं देते। बच्चों को यह समझाना ज़रूरी है कि ना केवल बड़े बल्कि छोटे या अपने हमउम्र लोगों को भी गाली देने से उसके दोस्त भी उनके साथ मिलना-जुलना और खेलना बंद कर दें। दूसरे बच्चों का उदाहरण देते हुए बच्चे को समझा सकते हैं कि कैसे उस बच्चे के गाली-गलौज वाले व्यवहार की वजह से अन्य बच्चों ने उसके साथ रहना बंद कर दिया। उन्हें समझाएं कि अगर तुम अपना व्यवहार नहीं बदलते तो कोई तुम्हारे साथ नहीं रहेगा।