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Establish clear rules around limiting screen time before the vacation and ensure your kids agree and follow the rules.
Parenting Tips: कोरोना वायरस (Covid 19) के प्रकोप से पूरी दुनिया प्रभावित है। इस महामारी के कारण दुनिया के कई देश लॉकडाउन की स्थिति में हैं। भारत में भी करीब एक महीने से लॉकडाउन जारी है, जिसे फिर 17 मई तक के लिए बढ़ा दिया गया है। कोरोना वायरस से बचने के लिए लोग अपने घरों में कैद है और इससे दूर रहने की कोशिश कर रहे हैं। लॉकडाउन की स्थिति में बच्चों का ख्याल (Parenting in Times of Coronavirus) रखना भी बहुत जरूरी हो गया है। घर में कैद होने की वजह से बच्चे अधिकतर समय टीवी, मोबाइल और वीडियो गेम्स में (Too much Screen Time) लगे रहते हैं। इस तरह लंबे समय तक स्क्रीन देखना बच्चों के लिए हानिकारण (Health Effects of too much Screen Time) हो सकता है। इसलिए माता-पिता को कुछ ऐसे टिप्स (Parenting Tips) फॉलो करने चाहिए, जिससे बच्चे खुद-ब-खुद स्क्रीन से दूरी बना लें।
अगर आप चाहते हैं कि आपके बच्चे टीवी और मोबाइल के स्क्रीन से दूर रहें तो उन्हें टेक्नोलॉजी फ्री जोन (Technology free Zone) दें। टेक्नोलॉजी फ्री जोन का अर्थ है, जहां पर स्मार्टफोन्स (Smartphone) और लैपटॉप (Laptop) की सुविधाएं ना हों। इस दौरान बच्चों को परिवार (Family Time) के साथ समय बिताने के लिए प्रोत्साहित करें। इस बात का भी ध्यान रखें कि आपका बच्चा खाते वक्त और लोगों से बात करते वक्त मोबाइल का इस्तेमाल ना करे।
बहुत से ऐसे माता-पिता होता हैं, जो अपने बच्चों को खुश रखने के लिए उन्हें समय से पहले गैजेट्स थमा देतें हैं। ऐसे में बच्चों को गैजेट्स इस्तेमाल करने की आदत हो जाती है। इसलिए कोशिश करें कि आप अपने बच्चों को गैजेट्स के बिना खेलने (Electronics Gadgets) की आदत डालें। अगर आपने उन्हें कोई गैजेट्स गिफ्ट में दिया भी है, तो उसके इस्तेमाल करने का टाइम टेबल बनाएं कि वे किस समय इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। इस बात का भी विशेष ख्याल रखें कि बच्चों को सोने (Sleeping Time) से 30 मिनट पहले ना तो मोबाइल दें और ना ही उन्हें टीवी दिखाएं। इसके बदले आप उन्हें खाने के बाद बाहर टहलने के लिए बोल सकते हैं या फिर परिवार के साथ टाइम बिताने के लिए कहें।
आप अपने बच्चों को समय देने की कोशिश करें। उनके पास बैठें और जानने की कोशिश करें कि उन्हें मोबाइल और टीवी में किस तरह का कंटेंट देखना या सुनना पसंद है। इससे आप बच्चों की पसंद जानकर उन्हें गाइड कर सकते हैं कि किस तरह का कंटेंट देखें और कैसी चीजें उन्हें देखना चाहिए। अगर आप अपने बच्चों को सिखाएंगे नहीं, तो हो सकता है कि उन्हें कोई एग्रेसिव कंटेंट या डरावनी चीजें देखने की आदत हो गई हो।
अपने घर और ऑफिस के काम से जब भी आप फ्री हों, तो बच्चों को पढ़ाने के लिए बैठाएं। इस दौरान आप किताबी ज्ञान की जगह समाजिक ज्ञान अधिक देने की कोशिश करें। उन्हें समझाएं कि जीवन में क्या करना सही है और क्या करना गलत। बातों-बातों में आप उन्हें समझा सकते हैं कि मार-धाड़ वाले वीडियो गेम्स खेलने से मानसिक सेहत पर असर पड़ता है।
वीडियो गेम्स और टीवी के बदले आप उन्हें इनडोर गेम्स के प्रति जागरूक करने की कोशिश करें। उन्हें किताबें पढ़ना, संगीत सुनना, पजल सॉल्व करना जैसी चीजों के बारे में बताएं।