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Written By: Mousumi Dutta | Updated : January 4, 2017 5:58 PM IST
मेरा एक महीने का बच्चा है और जब भी वह रोता है मेरी सास कहती हैं कि उसको चुसनी दे दो वह चुप हो जायेगा। लेकिन मुझे ये समझ में नहीं आ रहा है कि बच्चे को चुसनी देना क्या सही होगा? ये आदत बाद में उ्सके और मेरे लिए परेशानी का सबब तो नहीं बन जायेगी और क्या ये सेहत के नजरिये से भी सही होगा? मेरी इस उलझन को सुलझाने के लिए आपकी सलाह चाहिए!
आपके इस सवाल का जवाब़ हमारी शिशु रोग विशेषज्ञ गीतांजली शाह, अश्विनी हॉस्पिटल एण्ड आईवीएफ सेंटर और सुप्राज़ा फाउन्डेशन, मुम्बई दे रही हैं।
वैसे तो चुसनी देने की आदत सदियों से चली रही है, बिना ये सोचे कि ये आदत सही है कि नहीं। लेकिन चुसनी के कारण बच्चा चुप हो जाता है, इसके पीछे कोई वैज्ञानिक कारण नहीं है। इसके पीछे सदियों के चला आ रहा मिथक मन ही काम करता है। माँ अपने परेशानी को कम करने के लिए बच्चे को चुसनी दे देती है लेकिन इस आदत के कारण बच्चे को बाद में बहुत तरह के परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बच्चे चुसनी पाकर चुप हो जाते हैं इसके पीछे ये दो कारण हो सकते हैं। अक्सर बच्चे बिना कारण रोते हैं तब चुसनी दे दी जाती है जिसको चबाते रहने से उनका मन कुछ देर के लिए बहल तो जाता है और उनके मुँह को मां के ब्रेस्ट के निप्पल का एहसास होने के कारण चुप भी हो जाते हैं। या जब शिशु का पहली बार दांत निकलता है तब चुसनी को चुसने पर उनके मसूड़ों को आराम मिलता है, इसलिए भी वे चुप हो जाते हैं। पढ़े- शिशु का रोना नहीं है बुरा! जानिये इसके 5 फायदे
लेकिन चुसनी चूसने की आदत के कारण बच्चों के साथ माँ को कुछ देर के लिए तो आराम मिलता है लेकिन बाद में यही आराम परेशानी का कारण बन जाता है। क्योंकि इससे उनके दांत और मसूड़ें अच्छी तरह से विकसित नहीं हो पाते हैं। साथ ही अक्सर शिशु चुसते हुए चुसनी को कहीं फेंक देते हैं या गंदा कर देते हैं और वही चुसनी फिर चुसने लगते हैं और यही आदत सबसे ज्यादा पेट में इंफेक्शन का कारण बन जाता है। क्योंकि मुँह में हर बार देते वक्त उसको स्ट्रेलाइज़्ड नहीं किया जाता है जिसके कारण उसमें विभिन्न तरह के जीवाणु पनपने लगते हैं जो शिशु के लिए इन्फेक्शन का कारण बन जाते हैं।
इसलिए डॉक्टर की सलाह है कि बच्चे को कभी भी चुसनी की आदत न डालें और अपने परेशानी को नजरअंदाज करके शिशु को थोड़ा समय दें।
चित्र स्रोत: Shutterstock