Breastfeeding के दौरान क्या ज़्यादा पानी पीना चाहिए?

बच्चे को स्तनपान कराने वाली मांओं के लिए क्यों ज़रूरी है ज़्यादा पानी पीना। जानें एक्सपर्टस् से।

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Written By: Editorial Team | Published : March 10, 2017 3:12 PM IST

प्रेगनेंसी और ब्रेस्टफीडिंग के दौरान महिला के खान-पान का विशेष महत्व होता है। इसीलिए लोग बार-बार सलाह देते रहते हैं कि क्या खाना चाहिए और क्या नहीं। लेकिन ब्रेस्टफीडिंग के दौरान कितना पानी पीना ठीक होता है इस बारे में कभी बात नहीं की जाती। जबकि बच्चे को दूध पिलानेवाली मां के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बहुत आवश्यक है। बेस्टफीडिंग के दौरान हाइड्रेट रहना ज़रुरी है क्योंकि ब्रेस्टमिल्क में एंटीबायोटिक्स, मिनरल्स, मैक्रो न्यूट्रिएन्ट्स और माइक्रो न्यूट्रिएन्ट्स के साथ पानी भी होता है। इसीलिए महिलाओं के लिए ज़रूरी है कि वे ब्रेस्टफीडिंग के दौरान हाइड्रेटेड रहें।

पानी के साथ-साथ डायट भी काफी महत्वपूर्ण है। दरअसल ब्रेस्टफीडिंग के दौरान माता को लगभग 500 कैलोरी अधिक ऊर्जा की ज़रूरत पड़ती है। लेकिन अतिरिक्त ऊर्जा की इस ज़रूरत को पूरा करने के लिए पैकेटबंद चीज़ें न खाएं। इसी तरह प्रीज़र्वेटिव्स वाली चीज़ें भी न खाएं। के. जे. सोमैय्या कॉलेज स्कूल ऑफ नर्सिंग की प्रिंसिपल, अवनी ओक ने इस समझाते हुए बताया कि, ‘चूंकि मां के भोजन का असर ब्रेस्टमिल्क की गुणवत्ता पर पड़ता है, इसलिए स्तनपान वाले समय में मांओं को पौष्टिक चीज़ें खानी चाहिए। अपने भोजन में पोषक तत्वों से भरपूर चीज़ें शामिल करें। भोजन का 2-3 हिस्सा ताज़ी हरी सब्ज़ियों, फल, अनाज और फाइबर और चोकर वाली चीज़ों, दूध और ढेर सारे तरल पदार्थ शामिल करें।’

ब्रेस्टफीड करानेवाली मां को रोज़ाना कम से कम 1.5 से 2 लीटर पानी पीना चाहिए। हालांकि कई बार इस बात का ध्यान रखना मुश्किल हो जाता है कि हमने कितना पानी पीया। ‘इसलिए सबसे बेहतरीन तरीका है बच्चे को दूध पिलाने से पहले और बाद में कम से कम डेढ़ ग्लास पानी पीएं। इस तरह मां के शरीर को आवश्यक मात्रा में पानी मिलने के साथ उसे थकान और भारीपन से राहत दिलाने में भी आसानी होगी। जो कि ब्रेस्टफीडिंग के दौरान आमतौर पर होती है।,’ डॉक्टर ओक ने बताया।

बहुत-सी महिलाएं स्तनपान कराने पर होनेवाली थकान से परेशान होकर बच्चे को बोतल का दूध पिलाने लगती है। लेकिन उन्हें यह बात भी समझनी चाहिए कि आपको यह थकान कम पानी पीने की वजह से ही होती है और आप अपने बच्चे को बाहर का दूध पिलाने जैसा निर्णय लेती हैं। बच्चे को जन्म के 6 महीने तक मां का दूध पिलाने की सलाह डॉक्टर भी देते हैं और अपने बच्चे को इतने दिनों तक ब्रेस्टफीड करते रहने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं।

तरल पदार्थों का पर्याप्त मात्रा में सेवन करने का एक और तरीका है अपने भोजन में छास (मठ्ठा), ताज़े फलों और सब्ज़ियों का जूस पीना भी है।

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अनुवादक -Sadhna Tiwari

चित्र स्रोतShutterstock.

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