जब आपकी बेटी बताए अपने पहले crush के बारे में, तो क्या करेंगी आप ?

अगर वह आपसे अपने क्रश बात करती है तो इसका मतलब यही है कि उसे आपपर भरोसा है।

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Written By: Editorial Team | Updated : January 4, 2017 5:53 PM IST

जब यह बात तय हो जाए कि आपकी बढ़ती हुई बेटी को किसी लड़के से प्यार हो गई है तो आप क्या करेंगी? कैसे सम्भालेंगी आप इस स्थिति को? आपको यह समझना होगा कि आपकी बेटी या बेटा एक ऐसा भावना को जी रहा है जो बड़ों की बात मानी जाती है, और वह भी उम्र के एक ऐसे पड़ाव पर जब वह न तो बच्ची है और न ही वयस्क हो चुकी है। वह एक ऐसे व्यक्ति में तब्दील हो रही है जिसके अपने खुद के विचार हैं और एक व्यक्तित्व है। ना ना, ऐसा बिल्कुल नहीं है कि आपने उसकी परवरिश पर ध्यान नहीं दिया, लेकिन यह वह समय है जब आपको अंदाज़ा होता है कि अब वह सचमुच में बड़ी हो रही है।

जब आपकी बेटी अपने पहले प्यार (या यूं कहें कि सम्मोहन) के बारे में आपसे बताती है तो वह केवल अपनी भावनाएं बताने भर का काम नहीं कर रही। वह आपसे मदद की उम्मीद करेगी क्योंकि वह कुछ भी समझने की हालत में नहीं है, वह समझ नहीं पा रही है इस नये अहसास को जिसे वह महसूस कर रही है। आपको भी समझ नहीं आ रहा न कि क्या करें? परेशान न हों। चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट डॉ. शुचि दलवी बता रही हैं इस स्थिति को सम्भालने का सही तरीका।

  • लक्षणों पर ध्यान दें- उसका यह पहला प्यार एक साधारण और नुकसानरहित क्रश हो सकता है, या केवल एक मोह। आपकी बेटी निश्चित रूप से अभी फ़र्क नहीं बता सकती इसलिए आप लक्षणों पर ध्यान दें। उसके लड़के के बारे में कोई सवाल पूछे जाने पर वह कैसे व्यवहार करती है, क्या बात कुछ गंभीर लग रही है? एक बार अगर आपको यह समझ आ गया कि, आपकी बेटी कैसी स्थिति में तो, आपके लिए भी इस नई भावना को सम्भालने में आसानी होगी।

  • इस भावना से निपटने में उसकी मदद करें- उसकी भावनाओं को अनदेखा न करें। आप समझदार हैं यह जानती हैं कि उसे बार-बार इस तरह का सम्मोहन हो सकता है। उसे बताएं कि यह एक प्राकृतिक भावना है और उसे समझाएं कि वह भावनात्मक रुप से बड़ी हो रही है।

  • सीमाएं तय करें-भले ही आपके बच्चे की उम्र कुछ भी हो,  सीमाओं और हदों के बारे में बात करने में कभी देर नहीं होती। आजकल 7-8 साल के बच्चे भी किसी से सम्मोहित हो जाते हैं। अपने बच्चे को बताएं कि किसी पर क्रश होना आम बात है लेकिन उसकी उम्र के आधार पर यह नुकसानदायक हो भी सकता है और नहीं भी। इसलिए उसे समझाएं कि ऐसे मामलों की सीमा क्या होती है।

  • दिल टूटने पर साथ दें- अक्सर पहला क्रश या सम्मोहन दिल तोड़नेवाला होता है। यह आपकी ज़िम्मेदारी बनती है कि आपके बच्चे के टूटे हुए दिल और भावनाओं का ध्यान रखें। उन्हें सांत्वना दें  और समझाएं है कि क्रश प्यार नहीं होता है और यह कुछ समय तक महसूस होनेवाली एक भावना  है। आपके बच्चे को अच्छा महसूस करने में थोड़ा समय लगेगा, लेकिन कुछ दिनों बाद उन्हें बेहतर महसूस होने लगेगा।

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अनुवादक -Sadhna Tiwari

चित्र स्रोत- Shutterstock

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