पेरेंट्स के ऐसे बिहेवियर से डिप्रेशन में जा सकता है बच्चा, जानें वे 4 बातें जो बच्चे को करती हैं सबसे ज्यादा दुखी

Depression in children:: पेरेंट्स कई बार जाने-अनजाने में ऐसी गलतियां कर देते हैं, जिस से बच्चा डिप्रेशन में चला जाता है। इस लेख में जाने पेरेंट्स द्वारा की वे आदतें जो बच्चे को दुखी कर देती हैं।

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Written By: Mukesh Sharma | Updated : November 8, 2022 10:37 AM IST

Toxic parenting: बच्चे की परवरिश करना इतना आसान काम नहीं है, जितना कुछ लोगों को लगता है। कुछ लोगों को लगता है कि बच्चे की परवरिश उसी समय खत्म हो जाती है, जब वह बड़ा हो जाता है। जब वह एक बच्चे से एडल्ट बन जाता है, तब भी उसे अपने माता-पिता की परवरिश की जरूरत होती है। लेकिन कई बार पेरेंट्स ऐसी गलतियां कर देते हैं, जो बच्चे के दिमाग पर गंभीर रूप से चोट करती है। इनमें से कुछ गलतियां ऐसी होती हैं, जिनके बारे में पेरेंट्स को पता भी नहीं होता है कि उनकी आदतों से बच्चे के दिमाग पर असर पड़ रहा है। इस लेख में आपको पेरेंट्स की कुछ ऐसी ही आदतों के बारे में बताने वाले हैं, जो यहां तक कि बच्चे को डिप्रेशन में डाल सकती हैं। चलिए जानते हैं इन आदतों के बारे में -

1. गलत शब्दों का इस्तेमाल

कुछ लोगों को बात-बात गाली देने या अपशब्दों का इस्तेमाल करने की आदत पड़ जाती है। पुरुष और महिलाएं दोनों मजाक-मजाक गाली देने और अपशब्द बोलने की आदत पड़ जाती है। लेकिन जब बच्चा धीरे-धीरे बड़ा होता है, तो वह ये चीजें समझने लगता है। ऐसे में बच्चा या तो खुद भी गलत शब्द बोलने लगता है या फिर उसे अपने पेरेंट्स की आदतों से काफी ज्यादा बुरा लगने लगता है और डिप्रेशन में चला जाता है। इसलिए आपके लिए बहुत जरूरी है कि आप बच्चे के सामने ऐसे किसी शब्द का इस्तेमाल न करें।

2. बच्चे को ही जिम्मेदार ठहराना

कुछ पेरेंट्स की आदत ऐसी होती है कि वे दूसरे बच्चों को देखकर अपने बच्चे से भी उम्मीदें लगाना शुरू कर देते हैं। ऐसे में कई बार बच्चा उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाता है और ऐसे में पेरेंट्स उन्हें ब्लेम करना शुरू कर देते हैं। उदाहरण के लिए अगर आपका बच्चा परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाता है और उसके लिए आप बच्चे को ही जिम्मेदार ठहराते हैं, तो ऐसे में वह डिप्रेशन में जा सकता है।

3. जरूरत से ज्यादा चिंता व्यक्त करना

कई बार बच्चा अपने पेरेंट्स की किसी समस्या के कारण डिप्रेशन में चले जाते हैं। उदाहरण के लिए पापा के बिजनेस में नुकसान या जॉब छूटने जैसी स्थितियों में भी बच्चे को डिप्रेशन हो सकता है। ऐसी किसी स्थिति में अगर आप अपनी टेंशन बच्चे को बताएंगे तो वह भी डिप्रेशन में जा सकता है।

4. उनकी भावनाओं को नजरअंदाज करना

बच्चे की फीलिंग्स समझना भी बहुत जरूरी है और कई पेरेंट्स यही गलती कर जाते हैं। ऐसे में बच्चे को लगने लगता है कि वह अकेला है और ऐसे में डिप्रेशन में चला जाता है। आपको अपने बच्चे का ध्यान रखना है कि वह कैसा महसूस कर रहा है और अगर आपको लगता है कि बच्चा अच्छा महसूस नहीं कर रहा है, तो ऐसे में आपको डॉक्टर से बात कर लेनी चाहिए।