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Written By: Editorial Team | Updated : January 4, 2017 5:57 PM IST
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रोना और आंसू बहाना एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। आमतौर पर जब इंसान रोता है तो उसके आंसू निकलते हैं। ये एक प्राकृतिक घटना है। लेकिन आपने अक्सर देखा होगा कि नवजात शिशु जब रोते हैं तो कई बार ऐसा भी होता है कि उनके आंसू नहीं निकलते। अक्सर पेरेंट्स इस बात को लेकर चिंता में पड़ जाते हैं कि रोते हुए उनके बच्चे के आंसू क्यों नहीं बह रहे। ये एक असमान्य सी घटना नज़र आती है। कई बार तो पेरेंट्स इसे देखकर इतना घबरा जाते हैं कि डॉक्टर के पास शिशु को लेकर पहुंच जाते हैं। (इसे भी पढ़ें, शिशु का रोना नहीं है बुरा! जानिये इसके 5 फायदे)
अगर आप भी ऐसी ही किसी समस्या का सामना कर रहे हैं, तो आपके लिए ये जानकारी आवश्यक है कि ये भी एक प्राकृतिक घटना है। नवजात शिशु रोते हैं तो ज़रूरी नहीं कि उनके आंसू भी बहें। अहमदाबाद के जीसीएस मेडिकल कॉलेज के एचओडी डॉक्टर राजू शाह इसे विस्तार से समझाते हैं। वो कहते हैं कि ऐसा होने पर चिंता करने की ज़रूरत नहीं है। दरअसल, नवजात की अश्रु वाहिनी यानि टियर डक्ट्स पैदाइश के वक्त पूरी तरह से विकसित नहीं होते। इस वक्त उनसे सिर्फ इतने आंसू निकल पाते हैं जिनसे आंखों में नमी बनी रहे। आंसू बह नहीं पाते। बच्चे आमतौर पर तब रोना शुरू करते हैं जब वो 3 से 12 हफ्ते के हो जाते हैं। इस प्रक्रिया का समय हर बच्चे का अलग भी हो सकता है।
कई बार तो बच्चों के रोते हुए आंसू बहने में 6 महीने तक का समय भी लग जाता है। हालांकि इसका कारण हमेशा एक सा हो जरूरी नहीं। ये भी मुमकिन है कि बच्चे के आंसू डीहाइड्रेशन या अश्रु वाहिनी में किसी समस्या के कारण न निकल पा रहे हों। ऐसे में बच्चे को अधिक पानी व लिक्विड देना चाहिए। अगर बच्चे की अश्रु वाहिनी में बाधा है (ब्लॉक टियर डक्ट्स) तो उसकी आंखों से पीला पदार्थ निकल सकता है। अगर ऐसी समस्या सामने आए तो बच्चे को चाइल्ड स्पेशलिस्ट को दिखाएं।
मूल स्रोत – My baby does not shed tears when he cries. Is it normal?
अनुवाद – Shabnam Khan
चित्र स्रोत – Getty Imags
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