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Written By: Editorial Team | Updated : January 4, 2017 5:58 PM IST
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अनुवादक – Shabnam Khan
जो बच्चे बोतल से दूध पीते हैं उनकी मां को ये फिक्र लगी रहती है कि इस बोतल को बदलने का सही वक्त क्या है। अगर किसी बोतल को ज़रूरत से ज़्यादा इस्तेमाल किया जाए तो निश्चित ही उसका गलत असर बच्चे की सेहत पर पड़ेगा। आइये हम आपको इस परेशानी से छुटकारा दिलाते हैं। अगर आपका बच्चा बोतल से दूध पीता है तो इन बातों को ध्यान रखें। (इसे भी पढ़ें - छोटे बच्चों को मां के दूध के अलावा पिला सकते हैं नारियल दूध भी)
दूध की बोतल
1) हर 4-6 महीने में बोतल बदलनी चाहिए। अगर आप बीपीए फ्री बोतल का इस्तेमाल कर रहे हैं तो ध्यान रखें इसे 6 महीने बाद डिस्पोज़ करें। अगर नॉन-बीपीए फ्री बोतल हैं तो तीन महीने में बदल लें।
2) अगर बोतल में दरार दिखती है, वो लीक करती है तो तुरंत उसे बदल दें।
3) अगर बोतल बदरंगी हो रही है तो भी उसे बदल लेना चाहिए।
4) अगर आप कांच की बोतल का इस्तेमाल करते हैं तो बच्चे को उससे दूध पिलाने से पहले उसे बारीकी से जांचें।
दूध की बोतल का निप्पल
5) दूध की बोतल से कम समय में निप्पल बदल लेना चाहिए। हर दो महीने में निप्पल बदलना चाहिए।
6) अगर निप्पल का रंग बदल रहा है या उसका छेद बड़ा हो रहा है तो उसे फौरन बदल लें। इससे बच्चे के गले में ज़्आदा दूध फंस सकता है।
7) अगर निप्पल बोतल में फिट नहीं हो रहा, तो भी उसे तुरंत बदल लें। ऐसा जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल किए जाने पर होता है।
सावधानी
जब बच्चा कुछ खाना सीख जाए तो उसे बोतल से दूध पिलाना बंद कर दें। इसकी बजाए फीडिंग कप या चम्मच का इस्तेमाल करें। दूध की बोतल की आदत बच्चों को न डालें, इस आदत को छुड़ाना मुश्किल होता है। साथ ही, अगर बच्चा दूध की बोतल से दूध न पी पा रहा हो तो उसके साथ ज़बरदस्ती न करें। उसे दूध कप या चम्मच से पिलाएं।
चित्र स्रोत - Shutterstock