बच्चे के लिए डायपर, सॉफ्ट टॉय जैसी चीज़ें खरीदने से पहले जान लें ये बातें

क्या आप बच्चे के लिए वॉकर और खिलौने लेने की सोच रहे हैं?

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Written By: Editorial Team | Updated : January 4, 2017 5:57 PM IST

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पहली बार मां-बाप बनना सबसे सुखद भरा एहसास होता है। घर में नए शिशु के आने पर मां-बाप उसके ज़रूरत की सारी चीजें जैसे वॉकर, फीडिंग बोटल, काजल और डाइपर आदि, सब एक साथ ले लेते हैं। क्‍या सच में आपके शिशु को इन सब चीजों की ज़रूरत होती है? तो इसका जवाब है नहीं। हम आपको बताएंगे कि इन चीजों को क्‍यों नहीं लेना चाहिए और अगर ले भी लें तो इनका सी‍मित उपयोग करना चाहिए। इन प्रॉडक्‍ट्स से जीवन तो आसान बन जाता है लेकिन इनके कुछ नुकसान भी हैं। आइए जानते हैं।

वॉकर

क्‍या आप जानते हैं कि लंबे समय तक वॉकर का उपयोग से शिशु के पैर और कमर के विकास में बाधा आ सकती है। बच्‍चे को चलने के लिए वॉकर की नहीं धूप से विटामिन डी और कैल्शियम की ज़रूरत होती है। बच्‍चे किसी 13 महीने के बाद बिना किसी सहारे के चलना शुरू करते हैं। नौ महीने के आसपास के बाद से वे सोफे या बिस्तर पकड़कर खड़े हो सकते हैं और कुछ मदद के साथ अपना पहला कदम उठा सकते हैं। मुंबई के चंद्रज्‍योति चिल्‍ड्रेन अस्‍पताल के डॉक्‍टर रोहित अग्रवाल के अनुसार, कई माता-पिता बच्‍चे को खड़ा करने के लिए वॉकर का सहारा लेते हैं जो कि बच्‍चे के विकास के लिए सही नहीं है। डॉक्‍टर का कहना है कि अमेरिका और कनाडा में बच्‍चों के लिए वॉकर पर प्रतिबंध लगा हुआ है। पढ़ें- बच्चे की फीडिंग बोटल लेने से पहले इन बातों को जानें

टीथर या चुसनी

डॉक्‍टर के अनुसार मां-बाप बच्‍चे को चुसनी वाले प्रॉडक्‍ट दे देते हैं। इन प्रॉडक्‍ट से बच्‍चे के दांतों का आकार के सही विकास में बाधा आ सकती है। इसके अलावा उसे पेट दर्द और अन्‍य रोग हो सकते हैं। अगर आप बच्‍चे को दूध ना पिलाकर उसे चुसनी देकर शांत कराती हैं तो ये सही विचार नहीं है। चुसनी से बच्‍चे को तत्‍काल तो आराम मिल जाएगा लेकिन भविष्‍य में उसे समस्‍याएं हो सकती हैं।

फीडिंग बोटल

कई अध्‍ययनों में विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि बच्‍चे को मां द्वारा ब्रेस्‍फीडिंग कराना ही सबसे बेहतर उपाय है। फीडिंग बोटल का इस्‍तेमाल उसके लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण ये है कि जब बच्‍चा बोटल से दूध पीता है तो दूध के साथ हवा भी उसके पेट में जाती है जिससे बच्‍चे के पेट में दर्द होने का खतरा बना रहता है। अगर बोटल सही से साफ नहीं हुई तो बच्‍चे को इंफेक्‍शन का खतरा हो सकता है। अगर फिर भी आप बोटल का प्रयोग करना चाहते हैं तो बीपीए फ्री बोटल ही लें। ध्‍यान रहे कि बच्‍चे को केवल एक से दो बार ही बोटल से दूध पिलाएं।

इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स

इनसे मस्तिष्क में कोशिकाओं को नुकसान हो सकता है। बच्‍चे को कहानी पढ़ने के लिए आईपैड, टैबलेट देने से भी उसे खतरा हो सकता है। घर में इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के प्रयोग से बचें। उसके बजाय कैलेंडर, चित्र और पोस्‍टर जैसी चीजें लगाएं। इन चीजों से भी बच्‍चा काफी कुछ सीख सकता है। पढ़ें- छोटे बच्चे के नाखून काटने का सही तरीका जानें

ग्राईप वाटर

कई माता-पिता अपने बच्‍चे को ग्राईप वाटर देना शुरु कर देते हैं। यहां तक कि जब बच्‍चे के पेट में दर्द में भी। हालांकि सभी डॉक्‍टर इसकी सलाह नहीं देते। डॉक्‍टर कहते हैं कि ग्राईप वाटर और जन्‍म घुट्टी में कई ऐसे तत्‍व होते हैं जो बच्‍चे के आंतरिक हिस्‍सों में जलन पैदा कर सकते हैं। अपने नवजात शिशु को भूलकर भी इसे ना दें, बेशक आपको डॉक्‍टर ने सलाह दी हो।

काजल

अगर आप ये सोचकर की बच्‍चे को किसी की नज़र ना लग जाए, उसकी आंख में मोटा काजल लगाते हैं तो आप बिल्‍कुल गलत कर रहे हैं। इससे आपके शिशु की आंखों को नुकसान हो सकता है। डॉक्‍टर मानें तो काजल में काफी केमिकल्‍स का प्रयोग होता है जिससे आंखों में एलर्जी हो सकती है और आंखें खराब हो सकती हैं।

डायपर

विशेषज्ञों का मानना है कि डायपर पहनने के बाद बच्‍चा खुलकर टॉयलेट नहीं कर पाता है। हालांकि अगर आप घर से बाहर हैं तो आप डायपर का इस्‍तेमाल कर सकते हैं लेकिन अगर घर पर हैं तो बच्‍चे को डायपर पहनाने से बचें।

स्‍टफ्ट या सॉफ्ट टॉय

हालांकि इन पर पूरी तरह से प्रतिबंध सही नहीं है लेकिन कम से कम अपने नवजात शिशु को इन खिलौनों से दूर रखें। इनसे बच्‍चे को सांस लेने की समस्‍याएं हो सकती हैं। इतना ही नहीं इससे एसआईडीएस यानि सडेन इनफेंट डेथ सिंड्रोम भी हो सकता है। खासकर जब आपका बच्‍चा सो रहा होता है तो इन खिलौनों को उससे दूर रखें।

महंगे फैंसी कपड़े

कॉटन के झबले आपके बच्‍चे के लिए सबसे बेहतर कपड़े हैं। अपने बच्‍चे के लिए हाई नेके वाले और फैंसी कपड़ें ना लें। फैंसी कपड़ों से बच्‍चों को चुभन और बेचैनी होती है। छोटे कपड़ें  बच्‍चों को नहीं पहनानी चाहिए इससे उनको घूटन महसूस होता है।  ऐसे में कपड़ों पर ज्‍यादा पैसे खर्च करना समझदारी नहीं है।

खुशबू वाले प्रॉडक्‍ट

बच्‍चों में से स्‍वाभाविक रूप से अच्‍छी स्‍मेल आती है। इसलिए बच्‍चों के लिए लोशन और पाउडर लेने से बचना चाहिए। पाउडर बच्‍चे के फेफड़े तक पहुंच सकता है और उससे सांस लेने में परेशानी हो सकती है। लोशन से स्‍कीन एलर्जी हो सकती है।

मूल स्रोत -10 things you should think about before buying for your baby

अनुवादक – Usman Khan

चित्र स्रोत - Shutterstock


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