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Written By: Editorial Team | Updated : January 4, 2017 5:57 PM IST
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बच्चे अंगूठा चूसते हैं या फिर अपने होंठों और उंगली के नाखूनों को काटने लगते हैं। हालांकि ये सब कुदरती है और बच्चे के नॉर्मल होने के संकेत भी हैं। वास्तविकता तो ये है कि बच्चा जन्म के पहले से ये सब हरकत करने लगता है। ऐसा अक्सर शिशु खुद को असुरक्षित महसूस करने पर करते हैं। माता-पिता अक्सर इन बातों को लेकर परेशान हो जाते हैं। उन्हें ऐसा लगने लगता है कि कहीं ये बच्चे की आदत ना बन जाए। इसलिए वो बच्चे के आसपास ही रहते हैं। ऐसा माना गया है कि ऐसा करते रहने से बच्चों के दांतों की पॉजिशन में बदलाव हो सकता है, जिस वजह से उन्हें ब्रेसिज और ऑर्थोडोन्टिक ट्रीटमेंट की ज़रूरत पड़ सकती है। इतना ही नहीं बच्चे को निगलने और बोलने में दिक्कत हो सकती है। पढ़ें- छोटे बच्चे के नाखून काटने का सही तरीका जानें
दांत टेढ़े हो सकते हैं
ज्यादातर बच्चे दो से तीन साल की उम्र में ऐसी हरकत करना बंद कर देते हैं। अगर चार साल की उम्र के बाद भी बच्चा इस तरह की हरकत कर रहा है तो ये परेशानी का सबब बन सकता है। इस वजह से बच्चे दांत टेढ़े हो सकते हैं, दांत अपने स्थान से खिसक सकते हैं और उसे खाने में समस्या हो सकती है। इसके अलावा एक समस्या ये हो सकती है कि बच्चे के सामने के दांत बाहर निकल सकते हैं।
कोई सॉफ्ट खिलौना दें
बच्चों को ऐसी आदत से छुटकारा दिलाने के लिए माता-पिता को उसे मारने-पीटने की बजाय उसकी आदत के बारे में पता करना चाहिए। मारने-पीटने या क्रोध करने से वो असुरक्षित महसूस कर सकते हैं। उन्हें ये समझने की जरूरत है कि अधिकतर बच्चे अपना उंगूठा चूसते हैं क्योंकि इसके अलावा वो कुछ और नहीं कर सकते। इसके लिए आप उन्हें काई सॉफ्ट खिलौना और कंबल दे सकते हैं। पढ़ें- इन 6 आसान तरीकों से छोड़ें नाखून चबाना
डॉक्टर की सलाह लें
अगर कोई सॉफ्ट चीज से भी आपके बच्चे की अंगूठा चूसने की आदत नहीं छुट रही है तो आप एक अच्छे पेरियोडोंटिस्ट से सलाह ले सकते हैं।
मूल स्रोत -Thumb sucking and other oral habits in children could warrant braces!
अनुवादक – Usman Khan
चित्र स्रोत - Shutterstock
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