बच्चे के जन्म के तुरंत बाद ज़रूर करें ये काम

जानिये क्या है Breast Crawl, और क्यों बच्चे के जन्म के बाद इसे करवाना है ज़रूरी।

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Written By: Editorial Team | Updated : January 4, 2017 5:58 PM IST

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अनुवादक - Shabnam

बच्चे के जन्म के समय मां को इतना होश नहीं रहता कि वो किसी बात का ध्यान रख पाए। लेकिन एक ऐसी चीज़ है, जो सिर्फ उसी समय की जा सकती है। इसलिए डिलीवरी से पहले ही आप अपने डॉक्टर को ये बात बता दें कि जैसे ही नवजात शिशु को साफ किया जाए, उसे आपके सीने पर एक बार लिटाया जाए। इस प्रक्रिया को ब्रेस्ट क्राउल कहते हैं। जब आपना बच्चा आपकी चेस्ट पर लेटता है और अपने आप स्तनों तक पहुंचता है। इससे स्तनपान शुरू करने में मदद मिलती है। साथ ही, पैदाइश के बाद जब शिशु जब सबसे पहले अपनी मां से इतना करीब होता है तो दोनों का रिश्ता भी गहराता है।

ब्रेस्ट क्राउल के फायदे

भारत में ज्यादातर हॉस्पिटल में इस प्रक्रिया को अपनाया नहीं जाता, लेकिन आप अपनी बारी में ये सुनिश्चित कर सकती हैं। ब्रेस्ट क्राउल के फायदे यहां बताए जा रहे हैं:

  • ब्रेस्ट से आने वाली एक ख़ास किस्म की गंध शिशु को निप्पल तक पहुंचने में मदद करती है। ये गंध एमनिऑटिक फ्लूड की गंध जैसी होती है। निप्पल तक पहुंचने पर ये भी ज़ाहिर हो जाता है कि शिशु की गंध पहचानने की क्षमता का विकास हो गया है।

  • जब शिशु मां के निप्पल पर अपना हाथ लगाता है तो मां के शरीर में ऑक्सिटोसिन नाम का हार्मोन रिलीज़ होने लगता है, जिससे मां के स्वास्थ्य को कई लाभ होते हैं।

  • ब्रेस्ट क्राउल से इस बात का संकेत मिलता है कि शिशु का कंधा, गर्दन और कूल्हे की मांसपेशियां इतनी विकसित हो गई हैं कि वो हिल पा रहा है।

  • अध्ययनों में ये बात सामने आई है कि जब शिशु ब्रेस्ट क्राउल करता है तो इससे ब्रेस्टफीडिंग की प्रक्रिया आसान हो जाती है।

चित्र स्रोत - Shutterstock

संदर्भ- Widström AM, Lilja G, Aaltomaa-Michalias P, Dahllöf A, Lintula M, Nissen E.Newborn behaviour to locate the breast when skin-to-skin: a possible method for enabling early self-regulation. Acta Paediatr. 2011 Jan;100(1):79-85. doi:10.1111/j.1651-2227.2010.01983.x. Epub 2010 Sep 14. PubMed PMID:0712833.


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