इस तरह सिखाएं नन्हें-मुन्हों को शिष्टाचार और अच्छी बातें

क्या आपका भी सपना है एक बेहतर समाज के निर्माण का? तो अपने बच्चे को एक बेहतर इंसान बनाइए।

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Written By: Editorial Team | Published : January 10, 2017 2:47 PM IST

बच्चे के जन्म के साथ ही आप खुद-ही-खुद अच्छे व्यक्ति बनने की कोशिशें करने लगते हैं। आपको पता है कि एक छोटा बच्चा आपके बर्ताव को देख रहा है और वह आपको देखकर ही बर्ताव करना सीखेगा। इसलिए माता-पिता के तौर पर हमें यह समझने की ज़रूरत है कि बच्चे को एक अच्छा व्यवहार ही नहीं बल्कि भविष्य में एक अच्छा नागरिक बनने की सीख देने की भी कोशिश हमें ही करनी है। जब भी हम हमें परेशानी में डालनेवाली और देश-दुनिया में होनेवाली घटनाओं या लोगों की मानसिकता से जुड़ी किसी चीज के बारे में चीखते-चिल्लाते हैं तो हमें समझना होगा कि उन्हें रोकने का इकलौता तरीका है-हमारा भविष्य कहे जानेवाले छोटे बच्चों को अच्छा नागरिक बनाना। जिस तरह हम उन्हें अक्षर, गिनती, रंग और शब्दों के बारे में बताते हैं ठीक वैसे ही हमें बच्चों को समझदारी, सामाजिक और पारिवारिक मूल्यों की शिक्षा भी देनी चाहिए, जो उन्हें बड़े होने पर अच्छा व्यवहार करनेवाला व्यक्ति बनने में मदद करेगा। यहां मैं लिख रही हूं कुछ बातें जो मैं अपने बच्चे को सिखाना चाहती हूं ताकि वह एक ज़िम्मेदार और दयालु व्यक्ति बन सके।

• वह जो करना चाहें, उन्हें करने दें- हम इस बात से इंकार नहीं कर सकते कि हम एक पुरुषप्रधान और औरतों को कम सम्मान देनेवाले समाज में रहते हैं, और ऐसा इसीलिए होता है क्योंकि हम अपने बेटों और बेटियों को एक तरह की परवरिश नहीं देते। हम छोटी उम्र से ही अपने बेटे को लड़का होने की वजह से कुछ चीज़ों के लिए तैयार नहीं करते और इस तरह वे आत्मनिर्भर नहीं बन पाते। एक माता-पिता के तौर पर हमारा काम अपने बच्चों को सशक्त बनाना है फिर चाहे वह लड़की हो लड़का। इसीलिए अपने बेटे और बेटी दोनों को खाना पकाने, साफ-सफाई, अपने कपड़े धोने और घर को व्यवस्थित रखने जैसे काम सिखाने चाहिए ताकि वह किसी पर निर्भर न रहें और हर तरह की स्थिति का सामना कर सके। आपके 2-3 साल के बच्चे को खुद से कपड़े पहनने, मेज़ पर चम्मच और प्लेट रखने या गंदे और साफ कपड़ों को अलग रखने जैसे काम सिखाएं। घर के बहुत से छोटे-मोटे काम ऐसे हैं जिन्हें करना बच्चों के लिए आसान है और बच्चे उन्हें करना पसंद भी करते हैं!

• उन्हें दयावान बनना सिखाएं- जब कोई बच्चा कुर्सी या बाइक पर से गिरता है तो क्या आपका बच्चा ज़ोर से हंसता है या उसकी मदद करने के लिए आगे बढ़ता है? आपका बच्चा विकलांग लोगों के प्रति कितना संवेदनशील है? एक बेहतर और क्षमावान दुनिया के लिए हमें अपने बच्चों के दयालु, संवेदनशील और दूसरों की मदद करनेवाला बनाना होगा, ऐसे बच्चे जो शारीरिक रुप से अलग बच्चों के साथ खड़े हों और जो ग़लत बातों का विरोध करें। अगर आपका बच्चा खेलते वक़्त भी किसी दूसरे बच्चे की मदद नहीं करता तो आप कैसे उम्मीद करते हैं कि वह बड़ा होने के बाद अपने परिवार, साथियों और साथ काम करनेवाले लोगों के साथ दयापूर्ण और समझदारीभरा व्यवहार करेगा? और अगर आपको समझ नहीं आ रहा कि बच्चे को कैसे संवेदनशील और दयालु बनाएं तो, सबसे पहले खुद का व्यवहार वैसा बनाइए जैसा आप बच्चे से उम्मीद करते हैं।'

• उन्हें शिष्टाचार सिखाएं- बचपन में सिखाया गया शिष्टाचार पूरी ज़िंदगी काम आता है, और यकिन कीजिए इसके लिए आपका बच्चा हमेशा आपका शुक्रिया भी अदा करेगा। अच्छा व्यवहार एक अच्छी परवरिश का सबूत है। जब कोई हमारे व्यवहार के लिए हमारी तारीफ करता है या हमसे मदद मांगता है तो हमें खुशी होती है। कल्पना कीजिए इसी तरह एक दुनिया की जहां सभी दयालु, शिष्टाचारी और विनम्रता से बात करते हों, निश्चित ही वह दुनिया बहुत सुंदर होगी, है ना?

• आत्मविश्वासी बनाएं- ज़्यादतर स्थितियों में हम आत्मविश्वास की कमी के कारण कुछ बचकानी हरकतें करते हैं। आत्मविश्वास की कमी एक व्यक्ति को चिड़चिड़ा और कड़वा बना देती है जिसे दूसरों को नुकसान पहुंचाकर मज़ा आता है। इसीलिए अपने बच्चे को आत्मविश्वासी बनाएं जो खुद के साथ दूसरों को भी आगे ले जाने में भरोसा करता हो। अगर आप भी चाहते हैं कि आपका बच्चा अपना नाम रोशन करें, अच्छे व्यक्ति के तौर पर अपनी पहचान बनाएं, तो अपने बच्चे की छोटी-छोटी सफलताओं के लिए भी उसकी तारीफ करें, उसे शाबासी दें। उसे बताएं कि आप उसपर विश्वास करती हैं और हमेशा उसका साथ देंगी।

• प्रकृति का सम्मान करना सिखाएं- एक बेहतर भविष्य वही लोग गढ़ सकते हैं जो प्रकृति से प्यार करते हैं और उसकी रक्षा करना चाहते हैं। आप विभिन्न तरीकों से अपने बच्चे को पर्यावरण से प्रेम करना सिखा सकते हैं। घर के गमलों में ही सही लेकिन अपने बच्चे को एक पौधा लगाने के लिए कहें, वो उसे पानी देगा, उसकी देखभाल करेगा और उस पौधे को बड़ा होता देखेगा। अपने बच्चे को सिखाएं कि चीज़ों का सही तरीके से इस्तेमाल और रिसाइकलिंग कितनी आवश्यक है और किस तरीके से आप अपनी रोज़मर्रा की जिंदगी में इसे फॉलो कर सकते हैं। उसे कम खर्च वाली ज़िंदगी जीने के लिए प्रेरित करें। चीज़ों को कचरे में फेंकने और उनकी कम से कम बर्बादी के बारे में सिखाएं। बच्चे को पानी-बिजली की बचत के प्रति सजग, पेड़-पौधों नुकसान न पहुंचाने वाला और प्राकृतिक संसाधनों का सम्मान करनेवाला बनाएं।

मरियम विलियम्सन ने कहा है- ‘दुनिया को बेहतर बनाने का सबसे बेहतर तरीका है अपने बच्चों की परवरिश के तरीके पर ध्यान देना।’। यकीनन समय आ गया है कि दुनिया भर के लोगों का दुख कम करने के लिए हम अपने परिवार के साथ इस पहल की शुरुआत करें।

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अनुवादक-Sadhna Tiwari

चित्रस्रोत- Shutterstock

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