कान छिदवाने के बाद के इंफेक्शन को हल्दी और नारियल तेल के पेस्ट से करें दूर

क्या कान छिदवाने के बाद आपके बच्चे के कान में बहुत दर्द हो रहा है?

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Written By: Editorial Team | Updated : January 4, 2017 5:58 PM IST

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अनुवादक: Mousumi Dutta.

भारत में लड़कियों के शिशु अवस्था में कान छिदवाने की परंपरा है क्योंकि ये माना जाता है कि कम उम्र में कान छिदवाना अच्छा होता है। यहाँ तक कि वैज्ञानिक अध्ययन भी इस मामले में इस बात का समर्थन करता है कि शिशु अवस्था में कान छिदवाने से मानसिक शक्ति का विकास, हजम शक्ति बेहतर होने के साथ-साथ दृश्य शक्ति को भी अच्छा होता है। भविष्य में कान में पहने झुमके पहनकर सबके नींद चुराने के पीछे शिशु अवस्था में कान का छिदवाना के दर्द को सहना बच्चे के लिए मुश्किल का काम हो जाता है। ये काम और भी मुश्किल हो जाता है जब छिदवाने के बाद इंफेक्शन हो जाता है।

अगर सब कुछ अच्छा रहा है तब चिंता करने की ज़रूरत नहीं पड़ती है। लेकिन एक बात का ध्यान रखें कि शिशु के कान का लोलकी (earlobe) या तली बहुत नरम औेर नाजुक होती है इसलिए शुद्ध सोने के बाली पहनाने के बावजूद उनके कान में बहुत दर्द रहता है। आम तौर पर कान छिदवाने के बाद उसमें पस या घाव जैसा हो जाता है। उससे पस हरा या पीला रंग का निकलता है। इसके लिए तुरन्त डॉक्टर से सलाह लें। लेकिन डॉक्टर के पास से पहले उनको जल्द आराम दिलाने के लिए आप इस घरेलू नुस्ख़े को भी ट्राई करके देख सकते हैं।

हल्दी और नारियल तेल का पेस्ट

इस पेस्ट को बनाने के लिए हल्दी को पीस लें और उसमें नारियल तेल मिलाकर पेस्ट जैसा बना लें। अब इस पेस्ट को शिशु के लोलकी में अच्छी तरह से लगा दें और सूखने के लिए छोड़ दें या पेस्ट को लगाकर रूई से गोले से कॉवर कर दें। जब ये सूख जायें और पानी में नैपकीन भिगोकर घाव को साफ कर दें और फिर से इस पेस्ट को लगा दें।

ये पेस्ट कैसे काम करता है

हल्दी एक ऐसा नैचुरल चीज है जो एन्टीबैक्टिरीयल और एन्टीऑक्सिडेंट का काम करता है जो स्किन के किसी भी इंफेक्शन को जल्दी ठीक करने में असरदार रूप से काम करती है। इस मसालें का कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता है इसलिए शिशु के लिए बिल्कुल सुरक्षित होता है। यहाँ तक नारियल तेल का एन्टीसेप्टिक गुण भी स्किन संबंधी किसी भी प्रॉबल्म में बहुत प्रभावकारी रूप से काम करता है। इसलिए ये दोनों चीज मिलकर कान के छिदवाने के बाद किसी भी घाव या संक्रमण में बहुत काम करता है।

क्या डॉक्टर के पास जाने की ज़रूरत है?

अगर इस पेस्ट का इस्तेमाल करने के बाद भी कान से पस आदि निकल रहा है तो डॉक्टर के पास जाने में बिल्कुल देर न करें।

संदर्भ-

Sushruta Samhita. English translation by Kaviraj Kunja Lal Bhishagratna, Calcutta, 1907, Chapter 16, 152-154.

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चित्र स्रोत:  Shutterstock


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