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Written By: Editorial Team | Updated : January 4, 2017 6:01 PM IST
हाल ही मेरी एक पड़ोसन से मेरी बहस हो गई जो मेरे दो साल के बच्चे के साथ बहुत ज्यादा प्यार से बर्ताव कर रही थी। मेरी बेटी और उनका बेटा अक्सर साथ-साथ खेलते हैं। एक दिन वह उनके घर गई जहां उस महिला ने मेरी बच्ची को खाने के लिए कैंडी दी और ज़ाहिर है आम बच्चों की तरह मेरी बेटी ने भी वह ले ली। मेरी पड़ोसन ने फिर उसे एक मुठ्ठी भरकर कैंडीज़ दीं। खुशकिस्मती से मेरी बेटी इतनी शक्कर खाने की आदि नहीं है तो मैंने उन्हें इतनी कैंडीज़ देने से मना कर दिया। लेकिन वह बोल पड़ी, आप बच्ची के साथ बहुत सख़्ती कर रही हैं। बच्चों को कभी-कभी ऐसी चीज़े खाने देना चाहिए। वो नहीं खाएंगे तो कौन खाएगा।’ मैं उन्हें समझाने की कोशिश करती रही कि चूंकि मेरी बच्ची इतना मीठा नहीं खाती तो मैं उन्हें खिलाने का परमिशन नहीं दे सकती। यह बात पड़ोसन को नागवार गुज़री और उन्होंने कह दिया कि मैं बहुत सख़्त मां हूं। यही नहीं उन्होंने बच्चों का साथ खेलना बंद करा दिया। मुझे इस बात पर बहुत दुख हुआ कि उस महिला को अपमानित सा महसूस हुआ और इन दो नन्हें दोस्तों का साथ खेलना बंद हो गया।
लेकिन बहुत से माता-पिता इस बात को लेकर सहज नहीं हैं कि दूसरे लोग उनके बच्चों को खिलौने या खाना दें या अज़नबी उनके बच्चो के गालों को हाथ लगाते रहे। अभिभावक के तौर पर हम हमेशा इस दुविधा में रहते हैं कि लोगों को अपने बच्चों से किस हद तक घुलने-मिलने दिया जाए। आखिर कैसे किसी अज़नबी महिला (भले ही वह बूढ़ी हो) को अपने बच्चे से दूर रखें। कैसे मतलबी रिश्तेदारों को अपने बच्चों को खतरनाक खिलौने देने से रोकें? इसी विषय पर कुछ मांए साझा कर रही हैं अपने अनुभव।
• नम्र लेकिन अटल रहें- माता-पिता के तौर पर आपके बच्चे आपकी पहली ज़िम्मेदारी हैं। हम समझ सकते हैं कि परिवार के सभी लोगों को आपकी ज़िम्मेदारियों से बांधकर नहीं रखा जा सकता। ऐसी स्थितियों में मैं केवल यही कहूंगी कि कुछ मामलों में कुछ सीमाएं तय करें। मेरे बच्चे क्या खाएंगे, क्या पहनेंगे या किसके साथ खेलेंगे, यह सब मैं तय करूंगी। बिना कठोर हुए लोगों को इस बारे में अवगत करा दें आपके बच्चे के मामले में कौन-सी चीजें बर्दाश्त नहीं कर पाएंगी आप। (राखी विज, एक 5 वर्षीय बच्चे की मां)
• बच्चे की पसंद का बहाना बनाएं- मेरी बेटी के गाल बहुत प्यारे हैं जिसे देखते ही हर कोई उसे छुने की कोशिश करता है। इसीलिए मुझे बहुत से लोगों को ऐसा करने से रोकना पड़ा। सोचिए लोगों के हाथों में लगी धूल और कीटाणु आपके बच्चे के गालों पर आ चिपकते हैं। मैं अब जब भी कहीं जाती हूं तो उसे अपने पास ही रखती हूं जैसे ही लोग उसे छुने की कोशिश करते हैं मैं उनसे कह देती हूं कि बच्ची को पसंद नहीं कि अज़नबी उसे छूते रहें। वैसे भी मांओं को अपने बच्चे के आसपास के एक सुरक्षा घेरा बनाना होगा जिसमें किसी को बेवजह प्रवेश की आज़ादी न हो। वर्ना लोग यूंही बच्चों के गालों और शरीर को हाथ लगाते रहेंगे। (श्रीविद्या श्रीनिवासन,19 महीने के बच्चे की मां).
• चलते बनिए- मैं अक्सर ऐसा तब करती हूं जब कोई मेरी बेटी को चिकन या कैंडी खिलाना चाहता है। मैं तुरंत वहां से उठकर चलते बनती हूं। मैं अपनी चालाकी से काम लेती हूं क्योंकि मैं नहीं चाहती कि ढ़ेर सारी शक्कर और अनहेल्दी चीजें मेरे बच्चे के पेट में चली जाएं। मैं ये नहीं कहती कि हर माता-पिता को ऐसा करना चाहिए लेकिन ऐसा करने से हिचकना भी नहीं चाहिए। (लेखिका)
• अपने सहज ज्ञान पर विश्वास करें: जब आप मां बनती हैं तो आप में मॉम-सेंस आ जाता है। यही सेंस है जो आपको बताता है कि आपके बच्चे का पेट भर गया है या फिर कब आपके बच्चा सोएगा या फिर कब वह झूठ बोलता है कि दीवार पर लिखने का काम किसने किया। जैसा अक्सर बच्चो के साथ होता है, वैसे ही मेरे बच्चे के साथ भी लोग अक्सर खेलना चाहते हैं। जब भी हम खाना खाने रेस्टोरेंट या शॉपिंग के लिए मॉल जाते हैं तो अपने बच्चे को लोगों से बात करने से रोकती नहीं। लेकिन कई बार लोग अच्छा व्यवहार नहीं करते। मैं बता नहीं सकती लेकिन मां की नज़र पहचान जाती है कि सामनेवाला व्यक्ति मेरे बच्चे के लिए अच्छा नहीं है। (शिल्पा ज़कारिया, 3 साल के बच्चे की मां )
• अपने बच्चे को ना कहलाना सिखाएं: अपने बच्चे की सुरक्षा का सबसे आसान तरीका है उसे ना कहना सिखाना। जी हां, मेरी बेटी एक साल की है और जब बच्चे आपस में खेलते समय ज़रा भी सख़्ती करते हैं तो वह सीधा कहने लगती है मुझे मत छुना। मैंने उसे यह भी समझाया है कि जब भी कोई अज़नबी उसे छुने की कोशिश करे तो ना कह दो। और हां अपने बच्चे को जो भी सिखाएं वह बार-बार दोहराते रहें। मैंने उसे कहा है कि किसी को देखकर मुस्कुराना या नमस्ते आदि करने में कोई बुराई नहीं लेकिन जैसे ही कोई तुम्हें छुने की कोशिश करें उसे मना कर दो। (प्रिया जैन, 2 साल के बच्चे की मां)
मेरे ख्याल से पैरेंट्स हर बार अपने बच्चे को नहीं संभाल पाएंगे। मेरे कहने का मतलब ये कतई नहीं कि हर इंसान आपके बच्चे को नुकसान पहुंचाएगा। लेकिन आखिरकार आपके लिए भी पता लगाना मुश्किल है ना कि चिकनी-चुपड़ी बाते करनेवालों में से कौन ग़लत नियत रखता है। मेरे लिए मेरे बच्चे की सुरक्षा से बढ़कर कुछ नहीं। आप ऐसी स्थिति में क्या करेंगे। इसलिए हमें बताएं कि आप अपने बच्चों को सुरक्षित और स्वस्थ रखने के लिए क्या करते हैं।
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अनुवादक -Sadhna Tiwari
चित्र स्रोत: Shutterstock