बच्चों के सामने भूलकर भी ना करें ऐसी बातें

बच्चे के सामने अपने गुस्से पर काबू रखें और अपमानजनक शब्दों के इस्तेमाल से बचें!

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Written By: Editorial Team | Updated : January 4, 2017 6:01 PM IST

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अनुवादक – Usman Khan

आप अपने बच्चे के रोल मॉडल होते हैं। बच्चा आप से ही सीखता है इसलिए उसके सामने किस तरह की और क्या बात करते हैं, इसे लेकर आपको सावधान रहना चाहिए। मुंबई स्थित एक क्लिनिक में साइकोलोजिस्ट डॉक्टर नम्रता दागिया के अनुसार, बच्चे ऑब्जरवेशन से बहुत कुछ सीखते हैं। इसलिए आपसी झगड़ों को बंद कमरे तक सीमित रखने में ही आपकी भलाई है। बच्चों के सामने भूलकर भी ऐसी बातें ना करें। पढ़ें- बच्‍चों को कभी नहीं देखने दें ये 5 कार्टून

अपमानजनक शब्द- 5 से 16 साल के बच्चे जल्दी सीखते हैं। इसलिए किसी भी तरह की अपमानजनक भाषा का प्रयोग करने से पहले आपको दो बार सोचना चाहिए। बच्चे बहुत जल्दी ही गाली-ग्लौज वाली भाषा सीख लेते हैं। इसलिए बच्चे को कुछ भी सिखाने से पहले आपको सीखने की जरूरत है।

नो, नेवर- ये ऐसे वर्ड्स हैं जिन्हें बच्चे तेजी से सीखते हैं। इसलिए ऐसे वर्ड्स बच्चे के सामने यूज़ न करें। वास्तव में ये नेगेटिव वर्ड्स हैं और इनसे बच्चे द्वारा किसी काम को सही और पूरा करने की क्षमता पर असर पड़ता है। अपने बच्चे को एक पॉजिटिव माहौल में रखें।

गुस्से पर नियंत्रण रखें- अगर आपका आपस में झगड़ा हो रहा है, तो अपने गुस्से पर काबू रखें और चिल्लाकर बात न करें। हो सकता है आपका बच्चा भी गुस्सा आने पर अपने दोस्तों और बड़ों के सामने चिल्लाकर जवाब देना शुरू कर दे।

गोस्सिपिंग से बचें- बच्चे को खुद के कामों से एन्जॉय करने दो। अपने बच्चे के सामने किसी तरह की गोस्सिपिंग ना करें। वास्तव में जब आपका बच्चा 12-16 साल की उम्र का होता है, तो वो उन बातों को समझना शुरू कर देता है, जिन्हें आप उससे नहीं सुनाना चाहते हैं।

बच्चे को भला-बुरा ना कहें- बच्चे को इस तरह की बाते ना कहें कि अगर तुम बुरे बच्चे बने रहोगे तो तुम्हे सैंटा कोई गिफ्ट नहीं देगा। दरअसल ऐसी बातों से बच्चे को ऐसा लगता है कि वो बहुत बुरा बच्चा है। उसे अपनी खामियों को खुद सुधारने का मौका दें। वास्तव में आपकी ऐसी बातों से उसके सेल्फ कॉन्फिडेंस को प्रभावित कर सकती हैं।

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बच्चा होने के बाद कपल्स की जिंदगी पूरी तरह बदल जाती है। इस दौरान कई ऐसे क्षण आते हैं, जहां आपको अपने धैर्य का परिचय देना पड़ता है। इसलिए किसी भी तरह की आपसी गड़बड़ी को बंद कमरे में सुलझाने का प्रयास करें। अगर आप ऊपर बताई गई बातों को ध्यान में रखेंगे तो बच्चों के सामने आपकी छवि अच्छी बनी रहेगी अन्यथा बच्चा भी वही चीजें सीखेगा जो आप करते रहेंगे।

चित्र स्रोत - Shutterstock


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