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Written By: Editorial Team | Updated : January 4, 2017 5:53 PM IST
काफी समय तक बोर्डिंग स्कूल्स शरारती बच्चों के लिए एक सज़ा के तौर पर देखे जाते थे, जहां बच्चों को अनुशासन और तमीज़ सिखाने के लिए भेजा जाता था। यही नहीं बोर्डिंग स्कूल ऐसे बच्चों की जगह मानी जाती थी जिन्हें मां-बाप या बच्चे सुधार नहीं पा रहे या फ़िल्मस्टार्स, कारोबारियों, क्रिकेटर्स या बहुत अमीर लोगों के बच्चों को दुनियावालों से छुपाकर ऐसी जगहों पर पढ़ाया जाता था।
दरअसल बोर्डिंग स्कूलों में बच्चे के चहुमुखी विकास की तरफ ध्यान दिया जाता है। यानि बच्चा केवल किताबी शिक्षा न लेकर खेल-कूद और अपनी पर्सनालिटी डेवलपमेंट जैसे पहलूओं पर भी ध्यान दे पाता है। हालांकि ये स्कूल साधारण स्कूलों से बेहतर हैं या नहीं?, यह बहस का एक अलग मुद्दा हो सकता है, लेकिन बोर्डिंग स्कूल बच्चों के लिए टॉर्चर रूम तो नहीं हैं।
वैसे आपके बच्चे को बोर्डिंग स्कूल भेजना कितना कठिन काम है हम समझते हैं। एक अच्छे बोर्डिंग स्कूल का चयन करना बहुत महत्वपूर्ण है लेकिन साथ ही और भी कुछ बातें हैं जिनपर आपको ध्यान देने की आवश्यकता है। चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट शुचि दलवी बता रहीं है उन बिंदुओं के बारे में जिनपर अपने बच्चे के बोर्डिंग स्कूल भेजते वक़्त आपको ध्यान देना चाहिए।
• बच्चे की उम्र- ज़्यादातर बोर्डिंग स्कूलों में दाखिला लेनेवाले बच्चों की उम्र की एक सीमा होती है। लेकिन एक माता या पिता के तौर पर आप इस बात को बेहतर तरीके से समझ सकते हैं कि आपका बच्चा शारीरिक, भावनात्मक या दिमागी तौर पर बोर्डिंग स्कूल जाने लायक है या नहीं।
• आपका बच्चा कितना ज़िम्मेदार है- एक बोर्डिंग स्कूल में रहने से आपके बच्चे को अपने सारे काम खुद करने होंगे, वो एक अनुशासित तरीके और निश्चित समयावधि में। अगर आपका बच्चा घर में बड़े लाड़-दुलार से पाला गया है तो उसे बोर्डिंग स्कूल में अपने काम करने में बहुत दिक्कत होगी।
• क्या बोर्डिंग स्कूल जाने से आपके बच्चे को फायदा होगा- आप अपने बच्चे को बोर्डिंग स्कूल क्यों भेज रहे हैं? क्या उसे और अधिक ज़िम्मेदार और आत्मनिर्भर बनाने के लिए? क्या बोर्डिंग स्कूल भेजना ही सबसे अच्छा उपाय बचा है? क्या यह आपकी आर्थिक स्थिति के अनुसार सही है या आप अपने इस फैसले से उसका कुछ भला करने की सोच रहे हैं? बच्चे की नज़र से इस स्थिति को देखें और तय करें कि उसके लिए बेहतर क्या होगा।
• आपका बच्चा इस फैसले से कितना सहमत है- यह सवाल सबसे महत्वपूर्ण है। आपका बच्चा आपके फैसले से सहमत होना चाहिए। अपने माता-पिता से दूर रहना आपके बच्चे के लिए चुनौतिपूर्ण हो सकता है। इसलिए उससे बात करें। इस फैसले को शांति के साथ और खुशी-खुशी आगे बढ़ाना आप दोनों के लिए फायदेमंद होगा।
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अनुवादक -Sadhna Tiwari
चित्र स्रोत- Shutterstock