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Written By: Editorial Team | Updated : January 4, 2017 6:01 PM IST
आपको जैसे ही अपने बच्चे का कोई दांत टेढ़ा-मेढ़ा या टूटा हुआ दिखता है। तो सबसे पहले आपके दिमाग में आता है बच्चे को ब्रेसेस लगवाने का ख्याल। लेकिन इससे पहले कि आप डेंटिस्ट को ब्रेसेस बनवाने के लिए कहें। पहले आप उनके बारे में जान लीजिए। अपोलो हॉस्पिटल, बेंगलुरु के रीजनल क्लीनिकल कोऑर्डनैटर और कंसल्टेंट डेंटिस्ट डॉ. राजू चंद्रमोहन दे रहे हैं कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां। तुलसी से दांतों का दर्द ऐसे करें कम ।
ब्रेसेस लगवाने की सही उम्र क्या है?
वैसे तो ब्रेसेस लगवाने की सही उम्र 12-13 साल मानी जाती है। लेकिन दांतों के आकार के आधार पर कई बार बच्चों को ब्रेसेस लगवाने से पहले भी कुछ ट्रीटमेंट करानी पड़ सकती है। ऐसी स्थिति में बच्चे को 9-10 साल की कम उम्र में भी ब्रेसेस लगवाने पड़ सकते हैं और हो सकता है कि इससे ब्रेसेस लगाए रखने की अवधि में भी बदलाव किए जाएं। दरअसल बढ़ते हुए बच्चों को ब्रेसेस लगाना अधिक फायदेमंद साबित होता है। अगर बच्चे के मुंह में किसी प्रकार की समस्या का पता चलता है तो डॉक्टर कम उम्र में ब्रेसेस लगाने की सलाह भी दे सकता है।
ब्रेसेस के कितने प्रकार हैं और उनकी कीमत क्या है?
बाज़ार में मुख्यत: तीन प्रकार के ब्रेसेस मिलते है। जो इस प्रकार हैं-
मेटल ब्रेसेस- यह साधारण ब्रेसेस हैं और अधिकतर लोग इन्हें ही लगवाते हैं। धातु से बने इन ब्रेसेस को कम से कम एक से डेढ़ साल तक लगाकर रखना पड़ता है। इनकी कीमत रू.25,000 – 30,000 के बीच हो सकती है। लेकिन यह एक बार का ही खर्च है।
सेरेमिक ब्रेसेस- ये आकार और बनावट में मेटल ब्रेसेस की तरह होते हैं। ये सफेद और थोड़े-से पारदर्शी होते हैं और आसानी से दांतों के रंग के साथ घुल-मिल जाते हैं। इस प्रकार के ब्रेसेस रु.40,000 – 50,000 तक में मिल जाते हैं। इन्हें एक से दो साल तक लगाकर रखना होता है। मेटल ब्रेसेस की ही तरह सेरेमिक ब्रेसेस को भी ट्रीटमेंट शुरु होने से ख़त्म होने तक लगाकर रखना होता है। आपकी ये 10 गलतियां दांतों पर भारी पड़ सकती है!
अदृश्य ब्रेसेस– इन्विजिबल (Invisible) या अदृश्य ब्रेसेस के भी दो प्रकार होते हैं। जिन्हें लिंगग्वल और क्लियर ब्रेसेस के नाम से जाना जाता है।
लिंगग्वल ब्रेसेस– इस तरह के ब्रेसेस दांतों पर लगाए तो जाते हैं लेकिन दांतों के पीछे की तरफ से। इसीलिए ये ब्रेसेस लगे होने के बावजूद दिखायी नहीं पड़ते। इस तरह के ब्रेसेस की कीमत रू. 90,000 – 1.10 लाख तक हो सकती है।
क्लियर अलाइनर- इन ब्रेसेस की सबसे खास बात यही है कि आप इन्हें निकाल कर दोबारा लगा भी सकते हैं। क्लियर अलाइनर आधुनिक तकनीक से बने ब्रेसेस हैं जो खाना खाते समय या ब्रश करते समय निकाले जा सकते हैं। ये दिखने में पारदर्शी प्लास्टिक के कवर जैसे दिखते हैं। जब आप इस प्रकार के ब्रेसेस लगवाएंगे तो आपको ब्रेसेस के कई सेट दिए जाएंगे जिन्हें दो सप्ताह के बाद बदलना पड़ता है। ये ब्रेसेस भारत में नहीं बनते इसलिए ये काफी महंगे होते हैं। क्लियर अलाइनर्स की कीमत रु.1.20 लाख से शुरु होते हैं जो आपकी ट्रीटमेंट के आधार पर तय होते हैं। क्या फ्लॉसिंग से दर्द होते हैं आपके दांत? जानिये क्या हो सकते हैं कारण
डॉक्टर से कितनी बार और कब-कब मिलना होगा?
मेटल, सेरेमिक और लिंगग्वल ब्रेसेस लगवाने पर बच्चे को हर महीने स्पेशलिस्ट से मिलना होगा। तो वहीं क्लियर अलाइनर्स लगवाने वाले बच्चे 2-3 महीने बाद डॉक्टर से मिल सकते हैं। हालांकि, आपको इस बात का ध्यान रखना होगा कि हर दिन 18 – 20 घंटे तक आपको क्लियर अलाइनर्स लगाकर रखना होगा।
क्या खाना चाहिए और क्या नहीं?
अगर आपने मेटल, सेरेमिक या लिंगग्वल ब्रेसेस लगवाएं हैं तो चॉकलेट और मेवे जैसे कठोर और चिपकनेवाले पदार्थ न खाएं। इन्हें खाने से आपके ब्रेसेस निकल सकते हैं। इनके अलावा आप अपनी पसंद की सभी चीजें खा सकते हैं। ब्रेसेस निकालने के तुरंत बाद भी आप जो चाहें वह खा सकते हैं। ब्रेसेस पहनने वाले बच्चो को वैसे खाने-पीने से जुड़ी कोई विशेष सलाह नहीं दी जाती।
किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
सबसे महत्वपूर्ण बात है आपके मुंह की साफ-सफाई का ध्यान रखना। हर बार खाना खाने के बाद मुंह ज़रूर धोएं। सुबह और रात में डॉक्टर द्वारा बताए गए विशेष ऑर्थडान्टिक (orthodontic) ब्रश का इस्तेमाल करें। मेटल और सेरेमिक ब्रेसेस लगाने पर हो सकता है कि ये आसपास की त्वचा और मसूड़ों के संपर्क में आ जाएं। इसलिए बार-बार पानी से गरारे करते रहें और मुंह की सफाई का ध्यान रखें।
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अनुवादक -Sadhna Tiwari
चित्र स्रोत- Shutterstock