बच्‍चे के बुखार के दौरान इन 6 बातों का रखें ध्यान!

बच्चे को fever होने पर क्या आप उसको जबरदस्ती खिलातें है?

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Written By: Editorial Team | Updated : January 4, 2017 5:58 PM IST

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बच्‍चों को बुखार होना एक आम समस्‍या है। लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि बुखार बच्‍चों का दुश्‍मन नहीं है। ये बच्‍चे को संक्रमण से लड़ने में मदद करता है। वास्‍तव में उच्‍च तापमान से शरीर में ऐसे तत्‍व जारी होते हैं जो कई बीमारियों से बचाते हैं। बुखार शरीर का सामान्‍य सुरक्षा तंत्र है, जो कई बीमारियों के इलाज में सहायक होता है। मुंबई में कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल के डॉक्‍टर शांतनु सेन के अनुसार, बच्‍चों को बुखार विशेष रूप से छह महीने से कम उम्र के बच्‍चे का बुखार गंभीरता से लेना चाहिए। बुखार वायरल संक्रमण या टीका लगाने के बाद हो सकता है। इसके अलावा बैक्‍टीरियल इंफेक्‍शन से भी हो सकता है। वायरल फीवर आपके बच्‍चे की दिनचर्या को 3 से 5 पांच दिनों तक प्रभावित कर सकता है। डॉक्‍टर सेन के अनुसार अगर बच्‍चे को तीन दिनों तक बुखार चढ़ा हुआ है, तो उसे तुरंत डॉक्‍टर के पास ले जाना चाहिए। इसके पीछे कोई गंभीर संक्रमण हो सकता है। इन सबके अलावा आप बच्‍चे को बुखार होने पर ये सारे काम कर सकते हैं। पढ़ें- बुख़ार में राहत पहुंचाएंगे ये 9 घरेलू उपचार

1) टेम्‍परेचर रिकॉर्ड करें

सबसे पहले ये जांच करें कि क्‍या वास्‍तव में बच्‍चे का टेम्‍परेचर बढ़ा है। इसका सबसे बेहतर तरीका डिजिटल थर्मामीटर है। इससे सही टेम्‍परेचर का पता लगाया जा सकता है। बच्‍चे के माथे को छूकर भी इसका पता लगाया जा सकता है। हालांकि इससे सही अंदाजा नहीं हो पाता है। 37 डिग्री सेल्सियस या 97.8 डिग्री एफ टेम्‍परेचर सामान्‍य होता है।

2) डॉक्‍टर को फोन करें

अगर आपको ऐसा लग रहा है कि बच्‍चे का टेम्‍परेचर बढ़ गया है तो आप तुरंत डॉक्‍टर को फोन करें और उससे सलाह लें। हालांकि सही तरीका ये है कि आप उसे क्लिनिक ले जाएं और पूरा चेक-अप कराएं। अगर ये संभव नहीं है तो ध्‍यानपूर्वक डॉक्‍टर की सलाह मानें।

3) कपड़ों की जांच करें

कई बार ज्‍यादा गर्म कपड़े पहनने के वजह से भी बच्‍चे का शरीर गर्म होने लगता है। ऐसे में उसके गर्म कपड़े उतार दें और उसे हल्‍के कपड़े पहनाएं। ध्‍यान रहे कि शरीर का गर्म हो जाना हमेशा बुखार का संकेत नहीं है।

4) बच्‍चे के खानेपीने का रखें ख्‍़याल

हल्‍का बुखार होने पर बच्‍चे खानेपीने में रुचि नहीं दिखाते। ऐसे में उसे जबरदस्‍ती फीड ना दें। इसके बदले आप उन्‍हें भरपूर मात्रा में जूस और पानी पिलाएं।

5) बच्‍चे को स्‍पंज बाथ दें

अगर आपको लग रहा है पेरासिटामोल की खुराक देने की बावजूद बच्‍चे का शरीर गर्म लग रहा है तो आप उसे ठंडा स्‍पंज बाथ दे सकते हैं। इसके लिए नॉर्मल पानी का इस्‍तेमाल करें ना कि फ्रिज के पानी का।

6) बच्‍चे को आरामदायक अवस्‍था में रखें

बच्‍चे को बुखार होने पर परिजन उसे ढेर सारे कपड़े पहना देते हैं। पंखा और एसी बंद कर देते हैं। इसके बजाय वो करें जिससे बच्‍चा आराम महसूस करे। आप पंखे को बंद करने की बजाय उसकी स्‍पीड कम कर सकते हैं। इससे बच्‍चा सहज महसूस करेगा।

मूल स्रोत -Fever in children – 6 ways to deal with it

अनुवादक – Usman Khan

चित्र स्रोत - Shutterstock


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