अगर आपके बच्चे को पसंद है अकेलापन, तो उसे हो सकती है ये बीमारी

अगर आपको अपने बच्चे के व्यवहार में ऐसे बदलाव दिखें तो तुरंत उसे किसी सायकोथेरेपिस्ट के पास लें जायें!

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Written By: Editorial Team | Updated : January 4, 2017 6:01 PM IST

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अनुवादक: Anoop Singh

क्या आपका बच्चा भी कई दिनों से अकेला ही गुमसुम सा रहता है, किसी से ज्यादा बाते नहीं करता और अकेले में रहना ज्यादा पसंद करता है? अगर ऐसा है तो समझ लीजिये कि वो डिप्रेशन का शिकार हो चुका है। आजकल डिप्रेशन से सिर्फ व्यस्क ही पीड़ित नहीं रहते बल्कि बच्चे भी आसानी से इस बीमारी के चपेट में आ जाते हैं। ये एक खतरनाक मानसिक बीमारी है, इसलिए जैसे ही आप अपने बच्चों में ऐसे कोई भी लक्षण देखें तुरंत ही उनसे बाते करें और नजदीकी मनोवैज्ञानिक से परामर्श लें। सायकोथेरेपिस्ट डॉ. शाज़नीन लिम्ज़रवाला यहाँ ऐसे ही कुछ ख़ास लक्षणों के बारे में बता रहीं हैं। पढ़ें: क्या स्ट्रेस बॉल को दबाने से सच में तनाव दूर होता है ?

  • वह अकेला रहना ज्यादा पसंद करता हैसाथ ही दोस्तों और रिश्तेदारों से दूरी बनाये रखता है।
  • पहले जो चीजें और खेल उसे बहुत पसंद होते थे अब उनमें भी वह भाग नहीं लेता है।
  • पहले की तुलना में कम खाना खाना।
  • पहले की तुलना में बहुत कम सोना और अनिद्रा जैसी बीमारियों का शिकार होना।
  • अक्सर अकेले में रोने लगना।
  • खुद को ऐसे कामों में व्यस्त रखना जिससे एंग्जायटी कम होती हो जैसे की लगातार एक के बाद एक अकेले ही मूवी देखना।

डॉ. लिम्ज़रवाला पेरेंट्स को ये बता रहीं हैं कि अगर उनके बच्चे में भी ऐसे कोई लक्षण दिख रहे हैं तो उन्हें अपने बच्चे के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिये।

  • जैसे ही आपको पता चले कि आपका बच्चा डिप्रेशन में हैं उस पर ख़ास तौर पर ध्यान दें और हमेशा उस पर नजर बनाये रखें।
  • कभी भी बच्चे पर आवश्यकता से ज्यादा किसी भी तरह का दवाब न डालें।
  • घर का माहौल ऐसा बनाये जिससे वो कोई भी बात आपसे खुलकर कह सके, आप अपने बच्चे से बिल्कुल दोस्तों जैसा व्यवहार करें।
  • बच्चों को डिप्रेशन में देखकर खुद परेशान न हो जायें बल्कि खुद को संभालें और बच्चे को मैडिटेशन और योग करने की सलाह दें।
  • अपने बच्चों से घुलमिल कर उनसे उनके मन की बात जाने और डिप्रेशन की वजह जानने की कोशिश करें!

एक बार जब आप घर का ऐसा माहौल बना लें कि आपका बच्चा अपने मन की हर एक बात खुलकर कह सके तो आप आसानी से बच्चे को डिप्रेशन या ऐसी किसी भी मानसिक बीमारी से बचा सकते हैं। इसलिए अपने बच्चों को अपना सबसे अच्छा दोस्त बनायें।

चित्र स्रोत: Shutterstock


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