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Written By: Editorial Team | Updated : January 4, 2017 5:53 PM IST
हर पेरेंट्स यही चाहते हैं कि उनके बच्चे पढ़ लिख कर अपने लाइफ में बहुत सफल बनें। लेकिन यह काफी हद तक आपकी परवरिश पर भी निर्भर करता है कि आप अपने बच्चे के पालन पोषण पर कितनी गंभीरता से ध्यान देते हैं और उसे एक बेहतर इंसान बनाने में कैसे मदद करते हैं। कई माँ बाप इस बात को लेकर बहुत परेशान रहते हैं कि वे अपने बच्चों में किताबें पढने की आदत कैसे डालें क्योंकि किसी को बेहतर इंसान और सफल बनाने में किताबों का अहम रोल है। बचपन से ही किताबे पढने से न सिर्फ बच्चे का दिमाग तेज होगा बल्कि उसकी सोचने समझने की क्षमता भी बेहतर होने लगती है। ऐसा माना जाता है कि छोटे बच्चे सबसे ज्यादा अपनी मां के करीब होते हैं और सबसे ज्यादा चीजें वे उनसे ही सीखते हैं। इसलिए यह ज़रूरी हो जाता है कि आप खुद भी किताबें पढने की आदत डालें। आइये जानते हैं ऐसे ही कुछ टिप्स जिसकी मदद से आप बच्चे में किताब पढने की आदत डाल सकती हैं।
खुद पढने की शुरुवात करें: जितना जल्दी आप किताबें पढना शुरू करेंगी आपके बच्चे के लिए उतनी ही आसानी होगी। आप प्रेगनेंसी पीरियड में ही किताबें पढना शुरू कर सकती हैं या फिर नवजात बच्चे के जन्म के दो तीन महीने बाद भी। जब बच्चा छोटा होता है तो वह किताबें देखकर कुछ समझ तो नहीं पाता लेकिन अपनी माँ को पढ़ता देख वो पढने की कला सीखने लगता है। अच्छा रहेगा अगर आप शुरू से ही बड़े चित्रों वाली रंगीन किताबें बच्चे के सामने पढ़ें ऐसी किताबे छोटे बच्चों को बहुत ज्यादा आकर्षित करती हैं और इनमे मौजूद जानवरों और पक्षियों के चित्र देखकर बच्चे बहुत कुछ सीखने लग जाते हैं।
किताब का सही चुनाव: बच्चे को हमेशा उसकी उम्र के हिसाब से ही किताबें लाकर दें नहीं तो अगर आप 5-6 महीने के बच्चे को कागज़ वाली किताब देंगें तो वो पूरी किताब फाड़कर उससे खेलने लगेगा। इसलिए बच्चा अगर 6 महीने से छोटा हो तो उसे प्लास्टिक कोटेड रंगीन चित्रों वाली किताबें दें जिसे वह फाड़ भी न सके और उसे पसंद भी आये। उसके बाद जब बच्चा एक साल का हो जाये तो उसे चित्रों और शब्दों वाली स्टोरी बुक दें जिससे वह थोड़ा बहुत सीखने की कोशिश करे। इसके बाद जब बच्चा 2 साला से अधिक उम्र का हो जाये तब उसे ऐसी किताबें दें जिसमें वो कहानी और शब्दों की पहचान कर सके और समझ सके।
आस पास रखें किताबें: अगर आप कामकाजी महिला है तो ऐसे में आपके बच्चे के पास दिनभर किताब नहीं रह सकती है और वह सिर्फ रात में ही सोते समय किताबें पढ़ सकता है। जबकि यह ज़रूरी है कि बच्चे का जब किताबों से खेलने या उन्हें पढने का मन करे तो वह उसके आस पास होनी चाहिए। इसलिए बच्चे की पहुँच में कुछ उसके लायक किताबें घर में ज़रूर रखें जिसे वो खुद कभी भी निकाल कर पढ़ सके।
खुद पढ़ें: बच्चों में पढने की आदत डालने के लिए सिर्फ उनके लिए किताबें रखें ही नहीं बल्कि उनके सामने आप खुद किताबें बोल बोल कर पढ़ें जिससे उन्हें पढने का सही तरीका समझ में आये। बच्चे बहुत जल्दी किसी भी चीज की नक़ल करना सीख जाते हैं ऐसे में आपको पढता देख वे भी बोलकर पढने की नक़ल करते हैं और धीरे धीरे यह उनकी आदत में शामिल हो जाता है।
पढने लिखने को मजेदार बनाएं: बच्चे को यह अच्छी आदत सिखाने के लिए सबसे ज़रूरी है कि आप किताबें पढने को अपनी रूटीन में शामिल कर लें और बच्चे को भी रोजाना इसमें बिजी रखें। इसके लिए बेहतर तरीका यही है कि पढ़ाई लिखाई को बोरिंग न बनाएं बल्कि उसे एक गेम की तरह लें और ऐसे तरीकों को अपनायें जिससे बच्चे का मन लगा रहे और उसे मजा आता रहे। धीरे-धीरे आप पायेंगी कि किताबें पढना आपके बच्चे की आदत में शामिल हो गया है।
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अनुवादक: Anoop Singh
चित्र स्रोत: Shutterstock