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Written By: Editorial Team | Updated : January 4, 2017 6:01 PM IST
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अनुवादक – Usman Khan
एक बार मैंने देखा कि एक महिला ने टीचर को पेरासिटामोल की गोलियों से भरी एक शीशी दी और कहा कि अगर उसकी बच्ची को बुखार होने लगे तो, उसे दे देना। कई बार परिजन अपने बच्चों को हल्का बीमार होने पर भी स्कूल भेज देते हैं। आपको बता दूं कि ऐसा करना आपके बच्चे और आपके लिए महंगा साबित हो सकता है। अपने बीमार बच्चों को स्कूल भेजने वाले ऐसी ही पेरेंट्स को मेरा ओपन लेटर (खुला खत)। पढ़ें- बच्चों के दिमाग को तेज करने के 5 उपाय
डियर पेरेंट्स,
आप हल्के बुखार से पीड़ित बच्चे को स्कूल भेजने के विचार को कैसे उचित ठहरा सकते हैं? क्या आप ये नहीं जानते कि बुखार सही होने के बाद भी रोगी को दुरुस्त होने के लिए कम से कम 24 घंटे का वक्त चाहिए होता है। आपको जानकार हैरानी होगी कि अगर आपके बच्चे को इन्फेक्शन होगा, तो इससे अन्य बच्चों को भी हो सकता है और घूम फिरकर फिर से आपका बच्चा बीमार पड़ सकता है।
आप बच्चे को बार-बार दुविधा में डालना क्यों चाहते हैं? बच्चा थोड़ा सही महसूस क्या करता है, आप उसे तुरंत स्कूल रवाना कर देते हैं। क्या ये टीचर्स की जिम्मेदारी है कि वो आपके बच्चे को बेहतर महसूस कराए। क्या बच्चे के छींकने, खांसी होने पर क्लास की एसी बंद करना, उसकी उल्टी साफ़ करना या उसे दवा देना, ये सारे काम टीचर्स के हैं? बिल्कुल नहीं। आपको ध्यान देना होगा कि आप इन सब कामों की फीस नहीं देते हैं।
आपको ये जानना होगा कि केवल स्कूल में बच्चे के बीमार होने पर उसे फर्स्ट-ऐड देना ही स्कूल की जिम्मेदारी है। इसलिए, अगर स्कूल से आपके पास कॉल आती है, तो अपने बच्चे को जल्दी वापस घर लाना आपकी जिम्मेदारी है। लेकिन जल्दी का मतलब जल्दी होता है क्योंकि स्कूल बंद होने का भी समय हो सकता है।
ये बड़े ही दुर्भाग्य की बात है कि परिजन सब कुछ जानते हुए भी इस तरह की बातों को बहुत हल्के में लेते हैं। सही मायने में परिजनों की उदासीनता ही बच्चे में गंभीर बीमारी को जन्म दे सकती है। विशेषकर तब, जब परिजन ऐसा भी सोचने लगते हैं कि क्या हुआ अगर बच्चे को खसरा या चेचक है, ऐसे में उसे स्कूल भेजने में क्या बुराई है। अगर आप ऐसा करते हैं, तो ये गलत है। हॉस्पिटल में 12 साल से कम उम्र के बच्चे के प्रवेश पर पाबंधी होती है। जब आप हॉस्पिटल के रूल्स को मानने के लिए तैयार हैं, तो स्कूल के मामले में आप ढिलाई कैसे बरत सकते हैं?
बेशक आप ये सोचकर कि बच्चे की पढ़ाई ना छुट जाए, उसके बीमार होने के बावजूद उसे स्कूल भेज देते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि आपके उस एक दिन के चक्कर में वो कई दिन के ज्ञान से वंचित हो सकता है। आपको ये समझना होगा कि केवल इसलिए कि आप अपने बीमार बच्चे को नहीं संभाल सकते तो, उसे स्कूल भेज देते हैं, ये आप और बच्चे के लिए नुकसान का विषय है।
सिन्सिर्ली
एक चिंतित मां
चित्र स्रोत - Youtube