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Written By: Editorial Team | Updated : January 4, 2017 6:01 PM IST
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ब्रेस्टफीडिंग के फायदों के बारे में ज़्यादातर महिलाएं जानती हैं, लेकिन फिर भी कई महिलाएं बहुत जल्दी ही ब्रेस्टफीडिंग करवाना छोड़ देती हैं। इसके पीछे एक बहुत बड़ा कारण ये होता है कि ब्रेस्टफीडिंग के दौरान ब्रेस्ट की मसल्स में परेशानी होने के कारण निप्पल में दर्द होता है। इस दौरान दर्द से छुटकारा पाने के लिए दवाएं भी नहीं ले सकते क्योंकि बेबी तक दूध के ज़रिये उस दवा के केमिकल के पहुंचने की संभावना होती है और उससे बेबी को नुकसान पहुंच सकता है। कई महिलाओं को ये जानकारी नहीं होती कि उनकी इस समस्या का हल एक छोटे से टी बैग में है। ब्रेस्टफीडिंक के कारण निप्पल में दर्द होने पर टी-बैग्स का इस्तेमाल नैचुरल उपाय के रूप में किया जा सकता है।
टी-बैग्स ही क्यों?
जर्नल ऑफ ऑब्स्टेट्रिक, गायनाकॉलोजिस्ट एंड नीयोनटल नर्सिंग में 1997 में प्रकाशित एक अध्ययन में ये बात सामने आई कि ब्रेस्टफीडिंग करवाते हुए होने वाले निप्पल में दर्द में आराम पाने के लिए टी बैग काफी असर दिखाते हैं। टी यानी चाय में टैनिन होता है जो एस्ट्रीजेंट है। इसलिए गर्म पानी में डुबाए हुए टी-बैग लगाने से न सिर्फ आराम मिलता है बल्कि ब्लड सर्कुलेशन भी बढ़ता है। इसके एंटी-इनफ्लेमेटरी तत्व दर्द कम करते हैं और ब्रेस्ट टिशु को हील करते हैं। साथ ही, टी-बैग्स निप्पल को मज़बूत करने में मदद करते हैं जिससे वो दर्द का सामना कर पाते हैं। टी-बैग इस समस्या के लिए बहुत सुरक्षित और सस्ता उपाय है।
इस्तेमाल का तरीका
टी-बैग्स को थोड़े गर्म पानी में डालें और उसे 5-10 मिनट के लिए हर 2 मिनट में निप्पल पर लगाएं। इससे दर्द में आराम होगा। टी-बैग लगाने के बाद, निप्पल को गर्म पानी से साफ करें। कई बार शिशु के ठीक से निप्पल न पकड़ पाने के कारण भी ऐसा होता है। इसलिए निप्पल के दर्द से बचने के लिए शिशु को ठीक पोज़िशन पर रखकर दूध पिलाएं।
चित्र स्रोत - Shutterstock
संदर्भ