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Written By: Editorial Team | Updated : January 4, 2017 5:58 PM IST
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अनुवादक – Shabnam Khan
ज्यादातर माता-पिता अपने छोटे बच्चे को सुलाने के लिए काफी मेहनत मशक्कत करते हैं। आपके बच्चे की नींद बहुत कारणों से खराब हो सकती है, जिनमें से एक कारण बच्चे का सोने का रूटीन सही न होना है। दिनभर काम से थक जाने वाले अभिभावक एक वक्त आने पर थक जाते हैं, और चाहते हैं कि कैसे भी, उनका बच्चा बस सो जाए। और यहीं वो गलती करते हैं। ऐसा करने आप न सिर्फ उनका सोने का रूटीन खराब करते हैं बल्कि उनके विकास में भी बाधा डालते हैं।
कब सुलाएं बच्चों को?
मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल के बाल विशेषज्ञ डॉक्टर शांतनु सेन के अनुसार, ‘3-4 साल के बच्चों को रात 8.30 से 9.00 बजे तक सोने के लिए लेट जाना चाहिए, जो कि प्रैक्टिकली मुश्किल लगता है लेकिन सही वक्त यही है। अगर आपका बच्चा 5 साल से बड़ा है तो आप उसे थोड़ा और टाइम दे सकते हैं लेकिन ध्यान रखें रात 10 से अधिक न बज पाएं।’ वर्किंग पेरेंट्स बच्चों का सोने का ये रूटीन नहीं बना पाते क्योंकि उन्हें बच्चों के साथ वक्त बिताने का रात को ही टाइम मिल पाता है। लेकिन अगर आप रात 11 बजे घर लौट रहे हैं तो बेहतर है कि आपका बच्चा सो जाए, बजाय कि आपका इंतज़ार करें। (इन तीन कारणों से रात में सो नहीं पाते बच्चे)
डॉक्टर सेन कहते हैं, ‘बढ़ते हुए बच्चों को रात में कम से कम 10 और ज्यादा से ज्यादा 12 घंटे की नींद चाहिए होती है। इस दौरान ही ह्यूमन ग्रोथ हार्मोन (एचजीएच) अधिक स्रावित होता है। ये हार्मोन बच्चों के विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण हार्मोन होता है।’
क्यों है ये हार्मोन ज़रूरी
ग्रोथ हार्मोन दिनभर स्रावित तो होता है लेकिन रात में ये अधिक मात्रा में स्रावित होने लगता है। अगर इस हार्मोन की बच्चों में कमी होती है तो उन्हें निम्न समस्याएं हो सकती हैं:
बच्चों को सुलाने के लिए क्या करें
डॉक्टर सेन कुछ ऐसे टिप्स बता रहे हैं जिनकी मदद से बच्चे रात में आराम से सो सकते हैं:
चित्र स्रोत - Shutterstock