छोटे बच्चों के लिए दाल का पानी या मैश की हुई दाल है कौन है ज्यादा फायदेमंद

क्या आप जानते हैं कि सिर्फ दाल के पानी में प्रोटीन की मात्रा बहुत ही कम होती है!

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Written By: Editorial Team | Published : February 27, 2017 12:24 PM IST

छोटे बच्चे जब थोड़े बड़े हो जाते हैं तो उस समय हर माँ को यही चिंता रहती है कि आखिर वे उन्हें क्या खिलाएं। वैसे भी इस उम्र में बच्चे की सेहत पर ध्यान देना बहुत आवश्यक होता है। वीनिंग फ़ूड की शुरुवात में आप बच्चों को फ्रूट जूस या सेमी-लिक्विड चीजें जैसे कि मैश किये हुए फ्रूट्स और सब्जियां दें। वैसे भारत में हर घर में मम्मियां अपने बच्चों को वीनिंग फ़ूड के रूप में दाल का पानी ही देती हैं। उनका ऐसा मानना है कि दाल का पानी प्रोटीन और पोषक तत्वों का भंडार है और बच्चे के लिए बहुत ही फायदेमंद है। जबकि एक्सपर्ट का मानना है कि दाल के पानी में ऐसा कुछ भी नहीं होता है। एक्सपर्ट का मानना है कि लोगों में ग़लतफ़हमी है कि दाल का पानी प्रोटीन का अच्छा स्रोत होता है।

इस बारे में हमने दि पीडियाट्रिक नेटवर्क की फाउंडर और डायरेक्टर डॉ चैताली लद्दाद से बात की। उन्होंने बताया कि सबसे पहले तो इस बात का ध्यान रखें कि वीनिंग फ़ूड तभी शुरू करें जब बच्चा कम से कम 6 महीने या उससे ज्यादा का हो। उसके खाने में उन चीजों को शामिल करें जो आसानी से पच जायें। उन्होंने बताया कि दाल का पानी इतना फायदेमंद नहीं होता जितना लोग समझते हैं। इसमें थोड़ी मात्रा में भी पोषक तत्व नहीं होते हैं बल्कि यह काफी हद तक सिर्फ पानी ही होता है। इसलिए अगर आप अपने बेबी को प्रोटीन खिलाना चाहते हैं तो उसे दाल का पानी देने की बजाय अच्छे से पकी हुई दाल को मैश करके दें। बच्चे के सही विकास के लिए उसकी डायट में प्रोटीन की मात्रा बहुत ज़रूरी होती है। मैश की हुई दाल में प्रोटीन तो होता ही है साथ में उसमें और कई ज़रूरी पोषक तत्व भी होते हैं। दाल को मैश करते समय इन बातों का ध्यान रखें।

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अनुवादक: Anoop Singh

चित्र स्रोत: Shutterstock

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