जानिये बच्चों के लिए भी क्यों ज़रूरी है एक्सरसाइज करना?

फिटनेस एक्सपर्ट नीरज मेहता यहाँ बता रहे हैं कि आपके बच्चे को कौन सी Exercise करनी चाहिये।

WrittenBy

Written By: Editorial Team | Updated : January 4, 2017 5:58 PM IST

Read this in English

अनुवादक: Anoop Singh

कई लोग ऐसा सोचते हैं की बच्चों को एक्सरसाइज करने की कोई ज़रूरत ही नहीं है जबकि यह गलत है। बच्चों को एक्सरसाइज करनी चाहिये लेकिन वो उनके उम्र के हिसाब से होनी चाहिये। याद रखिये की बच्चों और बड़ों के लिये अलग-अलग तरह के व्यायाम बताये गये हैं। जीएफएफआई फिटनेस अकादमी के डायरेक्टर नीरज मेहता बताते हैं कि आपको अपने बच्चों को रोजाना एक्सरसाइज करने के लिये प्रेरित करना चाहिये जिससे यह हमेशा के लिये उनकी आदत बन जाये।

आज के समय में बच्चों को एक्सरसाइज करवाना इसलिये भी ज़रूरी हो गया है क्योंकि आजकल बच्चे अपना अधिकतर समय कंप्यूटर पर गेम खेलते हुये बिताते हैं और बाहर खेले जाने खेलों को कम खेलते हैं। यह आज के दौर में बच्चों में मोटापा और डायबिटीज के बढ़ने का मुख्य कारण है। इसलिए अभिभावक होने के नाते आपकी यह जिम्मेदारी है कि आप इस बात का ध्यान रखें की वह शारीरिक रूप से कितना एक्टिव है।

बच्चों को ऐसे करायें एक्सरसाइज :

12 साल से कम उम्र के बच्चों के लिये: जब आपका बच्चा 2 साल का हो जाये या जब भी वह ठीक से चलने और बोलने लगे तब आप उसको व्यायाम करवाना शुरू कर सकते हैं। इस उम्र में सबसे ज्यादा फोकस मूवमेंट स्किल और बॉडी कंट्रोल पर देना चाहिये। इसलिए बच्चे को फ्री रनिंग, हाथों से किये जाने वाले काम, एरोबिक्स, और साधारण खेल जैसे की दौड़ना, बॉल कैच करना इत्यादि में व्यस्त रहने दें। इस तरह के व्यायाम बच्चे की हड्डियों को मजबूत बनाते हैं, साथ ही मसल्स मास को बेहतर करते हैं।

12 साल से अधिक उम्र के बच्चों के लिये : इस उम्र वर्ग के बच्चों के लिए उनकी फिजिकल स्किल, शक्ति,स्टैमिना और बैलेंस की क्षमता को बेहतर बनाने वाले व्यायाम कराने चाहिये। इस उम्र के बच्चों को ज्यादा समय साइकिलिंग, स्विमिंग,टेनिस और स्केटिंग जैसे खेलों में बिताना चाहिये। यह उनके अन्दर खेल की भावना को विकसित करने का सबसे सही समय होता है। उन्हें समूह में खेले जाने वाले खेल जैसे की कबड्डी, क्रिकेट,फुटबॉल में हिस्सा लेने दें ये उनके सोशल स्किल को और बेहतर बनाने में मदद करते हैं।

ध्यान रखने वाली बातें:

  • अगर बच्चे का मन नहीं है तो उसे जबरदस्ती खेलने के लिये कभी न भेजें।
  • इस उम्र के बच्चों को कभी भी वेट लिफ्टिंग नहीं करनी चाहिये। अगर वे ऐसा कर रहे हैं तो ध्यान रखें की वे किसी की निगरानी में ही ऐसा करें।
  • इस बात का ध्यान रखें कि आपका बच्चा रोजाना कम से कम एक घंटा बाहर  खेल ज़रूर खेले।

चित्र स्रोत: Shutterstock


Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source