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Written By: Editorial Team | Updated : January 4, 2017 6:01 PM IST
आजकल भारत में बच्चों का बढ़ता मोटापा सबसे मुख्य समस्या बनती जा रही है। मुख्य तौर पर देखा जाये तो खानपान की ख़राब आदत और लाइफस्टाइल इसकी मुख्य वजहें हैं। आपके घर में किस तरह का खाना खाया जा रहा है और आप बच्चों के खानपान पर कितना ध्यान रखते हैं यह भी काफी मायने रखता है। अगर आपके बच्चे का वजन 150-200 किलो के बीच हो गया है तो उसके वजन को डायट में परिवर्तन लाकर कम करना बहुत ही मुश्किल काम है। इतने ज्यादा बढ़े हुए वजन के लिए अधिकतर पेरेंट्स बैरीएट्रिक सर्जरी (Bariatric surgery) से वजन कम कराने के बारे में सोचने लगते हैं। अगर आप भी ऐसा ही कुछ सोच रहे हैं तो सर्जरी कराने से पहले ये पूरी जानकारी हासिल कर लें।
जब लोग हर तरह की कोशिश करके थक जाते हैं तब ही वे सोचते हैं कि सर्जरी करवाके वजन कम किया जाए। अन्य सभी सर्जरी की तरह इस सर्जरी के कई साइड इफेक्ट्स हैं। हालांकि अगर बहुत कम उम्र में किसी बच्चे का वजन बहुत ज्यादा बढ़ गया है तो बैरीएट्रिक सर्जरी करना ही सबसे सही तरीका होता है और इसे कराने से बच्चे की लाइफ भी बढ़ जाती है। मुंबई स्थित वोकहार्ड्ट हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. रमन गोयल बताते हैं कि, बैरीएट्रिक सर्जरी बच्चों को तब करायी जाती है जब वे अपनी अधिकतम लम्बाई पा चुके होते हैं। लड़कियां 13 साल में और लड़के 15 साल तक आते आते अपनी अधिकतम लम्बाई पा चुके होते हैं, लेकिन मोटापे के कारण हो सकता है कि वे किशोरावस्था को जल्दी प्राप्त कर जायें जिस कारण वे अपनी अधिकतम लम्बाई 10 साल की उम्र में ही पा लेते हैं। आमतौर पर बच्चों की अधिकतम लम्बाई का पता उनके जोड़ों की हड्डियों का एक्स-रे करने पर पता चलता है, इसीलिए जब आप अपने बच्चे की सर्जरी करवाने जाते हैं तो डॉ. सबसे पहले उनके जोड़ों का एक्स-रे करता है।
ध्यान रखने वाली बातें:
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अनुवादक: Anoop Singh
चित्र स्रोत: Shutterstock