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Written By: Editorial Team | Updated : January 4, 2017 5:53 PM IST
मम्मी भूख नहीं है-यह एक ऐसी बात है जो ज़्यादातर बच्चे कहते हैं। पढ़ाई के बोझ और पढ़ाई के अलावा एक्स्ट्राकरिक्युलर एक्टिविटिज़ में भी बेहतर प्रदर्शन की होड़ में बच्चों को सही तरीके से खाना खाने के लिए समय नहीं मिलता। इसके अलावा बच्चों को होनेवाले तनाव और बेचैनी उसकी भोजन में रुचि कम कर देते हैं। ये सभी कारण मिलकर बच्चे की भूख मारने या दबाने का काम करते हैं। योग आपके बच्चों को तनाव और बेचैनी का सामना करने में मदद करता है, जो उसकी भूख न लगने की समस्या के मुख्य कारण हैं। आर्ट ऑफ लिविंग, बेंगलुरु (इंटरनेशनल फैकल्टी) के योग एक्सपर्ट गौरव वर्मा बता रहे हैं 3 योगासनों के बारे में जो बच्चों की भूख बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। बस इस बात का ध्यान रखें कि जब भी वह इन योगासनों का अभ्यास करे तो किसी विशेषज्ञ की देखरेख में ही करें। क्या बच्चों के रिज़ल्ट से परेशान हैं?
1. बद्धकोणासन या तितली आसन- बच्चों की भूख न लगने की समस्या को दूर करने के लिहाज से यह एक बहुत ही मददगार आसन है। भूख बढ़ाने के साथ अपच और कब्ज़ या कॉन्स्टिपेशन से आराम दिलाने में भी मददगार है बद्धकोणासन।
अभ्यास का तरीका
-ज़मीन पर बैठिए। पीठ सीधी रखते हुए पालथी मारें। ध्यान रहे कि दोनों एड़ियां एक-दूसरे से जुड़ी हुई हों।
-अब अपने हाथों को ऐसे खींचें कि आपकी एड़ियां एक-दूसरे के सम्पर्क में हों और उन्हें आपके पेल्विस के जितना हो सके उतने पास ले जाएं। इसे कई बार दोहराएं।
-आपके पैर पेल्विस के जितने पास होंगे इस आसन का उतना अधिक लाभ आपको मिलेगा। धीरे-धीरे आप इस आसन में पारंगत होने लगेंगे और अधिक देर तक इसका अभ्यास कर सकेंगे।
2. शशांक आसन- तनाव और बेचैनी दूर करने के लिहाज से यह आसन बेहतरीन है। यह आसन पेट और उससे जुड़े अंगों को प्रभावित करता है जिससे पाचनतंत्र को काम करने में आसानी होती है।
अभ्यास का तरीका
-वज्रासन में बैठें। अपने हाथों को अपनी जांघों पर रखें।
-दोनों हाथों को ऊपर उठाएं। ध्यान रहे हथेलियां ऊपर की दिशा में सीधी हों। आपकी भुजाएं कंधों के समांनातर होनी चाहिएं।
धीरे-धीरे नीचे की ओर झुकें और हाथों को तब तक आगे ले जाएं जब तक कि आपकी भुजाएं, हथेलियां और माथा ज़मीन न छू लें। हाथ ऊपर ले जाते हुए सांस अंदर खींचें और नीचे झुकते हुए सांस छोड़ें।
-अब अपने माथे और हाथ को ज़मीन पर टिकाएं। इस मुद्रा में उतनी ही देर तक रहें जब तक कि आप सहज हों।
-धीमें से सांस छोड़ें और शुरुआत की मुद्रा में वापस जाएं।
3. चिन्मय मुद्रा- यह मुद्रा शरीर में शक्ति का संचार बेहतर करता है और पाचनतंत्र को अच्छा कर भूख बढ़ाने का करता है।
अभ्यास का तरीका
-सुखासन में बैठें। अपनी आंखें बंद करें। अपनी हथेलियों को पैरों पर रखें। हथेलियां ऊपर की तरफ खुली हुई हों। दोनों हाथों के अंगूठे और पहली अंगुलियों को मिलाकर एक घेरा बनाएं और बाक़ी तीन अंगुलियों की मदद से मुट्ठी बांधें।
-जब इस आसन का अभ्यास कर रहे हों तो धीरे-धीरे उज्जयी प्राणायाम में सांस लें और 2-3 मिनट तक दोहराएं। योगाभ्यास के दौरान अपनी सांसों की गति पर ध्यान दें।
-सूर्य नमस्कार भी बच्चों के लिए बहुत लाभदायक है इसलिए बच्चों को सूर्य नमस्कार के अभ्यास के लिए प्रोत्साहित करें। यह रहा सूर्य नमस्कार का सही तरीका।
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अनुवादक -Sadhna Tiwari
चित्र स्रोत- Shutterstock