पांच से सात साल की उम्र एक ऐसी अवस्था होती है, जब आपके बच्चे का विकास हो रहा होता है, उसका कॉन्फिडेंस बढ़ रहा होता है और वो खुद के बारे में नई बातें सीख रहा होता है। इस उम्र में किसी अन्य बच्चे द्वारा परेशान किये जाने से बच्चे की मानसिकता पर बुरा असर पड़ सकता है। अगर आपको संदेह है कि आपके बच्चे को तंग किया जा रहा है या वो खुद आपको बताता है, तो आप क्या करेंगे? जाहिर है बच्चा अपने माता-पिता के पास ही खुद को सुरक्षित महसूस करता है। चाइल्ड साइकोलोजिस्ट डॉक्टर शची देवी के अनुसार, परिजन होने के नाते आप अपने बच्चे और उसे तंग करने वाले बच्चे की मदद ऐसे कर सकते हैं।
अपने बच्चे को यह समझाने की कोशिश करें कि किसी अन्य बच्चे द्वारा तंग किए जाने से उसे इस बात को समझने में मदद मिलेगी कि ऐसा उसके साथ ही और क्यों हो रहा है। दूसरी बात तंग करने वाले बच्चे के लिए नकारात्मक टिप्पणी ना कहें। बजाय इसके बच्चे के स्कूल शुरू करने से पहले उसे इस तरह की चीजों के बारे में पहले से ही बताएं।
सबसे बड़ी बात कि आपको अपने बच्चे में कॉन्फिडेंस पैदा करना बहुत जरूरी है। उसे बताएं कि तंग करने वाले बच्चों का उद्देश्य अपने दुश्मनों को नीचे दिखाने का होता है। अपने बच्चे के साथ उसका कॉन्फिडेंस लेवल बढ़ाने पर काम करें। बच्चे को बताएं कि अगर आप उनकी बात का बुरा मानोगे तो वो तुम्हे और ज्यादा परेशान करेंगे। ऐसे बच्चों को पलटकर जवाब देने से बेहतर है आप उस जगह से चले जाएं या उनकी बातों को अनसुना कर दें।
अपने बच्चे को बताएं कि अगर कोई उसे तंग करता है, तो वो उसे पलटकर ना धमकाए। बल्कि अपने बच्चे को सिखाएं कि उसे तंग करने वाले से किस तरह बात करनी चाहिए ताकि उसे सबक मिल सके। और उसे कह दें कि अगली बार आप शैतानी बर्दाश्त नहीं करेंगे। बच्चे को बताएं कि अगली बार जब उसके साथ कोई शैतानी करे, तो वो साफ-साफ कह दे कि उसे ये सब पसंद नहीं है और उसे उसके साथ इस तरह का व्यवहार ना किया जाए।
बावजूद इन सबके अगर कोई बच्चा आपके बच्चे के साथ फिर भी शैतानी कर रहा है, तो अपने बच्चे को इस बात की शिकायत टीचर्स से करने के लिए कहें। बच्चे को टीचर्स से यह कहने के लिए कहें कि उसके कई बार समझाने के बावजूद वो उसे तंग कर रहे है।
अगर मामला ज्यादा गंभीर है, तो आप तंग करने वाले बच्चे के माता-पिता से बात-चीत करें। आमतौर पर बच्चे केवल मजे के लिए किसी को तंग नहीं करते हैं। हो सकता है उस बच्चे के जीवन में कुछ अच्छा ना चल रहा हो। उसके माता-पिता उसे समझा सकते हैं।
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अपने बच्चे को परिस्थिति को संभालने का तरीका विकसित करें। उदहारण के लिए अगर कोई आपके बच्चे को कहता है कि वो उसे पसंद नहीं करता है, तो इस मुद्दे पर उसे उस बच्चे से बात करनी चाहिए। कुल मिलाकर परिजन को अपने बच्चे को आत्म- सम्मान के निर्माण की दिशा में काम करने की जरूरत है।
आपको यह बात समझनी जरूरी है कि तंग करने वाले बच्चे को धमकाने से कोई फायदा नहीं होता है। ऐसे बच्चे के बारे में उल्टा-सीधा कहना या उसे धमकाना एक अच्छा विचार नहीं है। बल्कि अपने बच्चे के सामने एक सकारात्मक उदहारण स्थापित करें ताकि वो अपने तरीके से इस मुद्दे को संभाल सके।
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