इस काढ़े से दूर करें छोटे बच्चे का पेट दर्द

शिशु का पेटदर्द ऐसे भी हो सकता है ठीक!

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Written By: Editorial Team | Updated : January 4, 2017 5:58 PM IST

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अनुवादक - Shabnam Khan

छोटे बच्चों को अक्सर पेट में मरोड़ के साथ तेज़ दर्द उठता है। माना जाता है कि इस दर्द का कारण फीडिंग के दौरान बच्चे का हवा निगल लेना है। वहीं दूसरे एक्सपर्ट का ये मानना है कि मां का खानपान बच्चे की अपरिपक्व पाचन क्रिया पर असर डाल सकता है जिससे उसे पेट में दर्द हो सकता है। (इसे भी पढ़ें - इसलिए ज़रूरी है छोटे बच्चों को जल्दी सुलाना) सुपराजा फाउंडेशन और अश्विनी आईवीएफ सेंटर मुबई की बाल विशेषज्ञ और ‘गर्भासंस्कार’ किताब की लेखिका डॉक्टर गीतांजली शाह कहती हैं, ‘हालांकि ये मेडिकली साबित नहीं हुआ है लेकिन फिर भी अगर आपके कुछ ख़ास चीज़ खाने के 48 घंटे बाद तक आपके बच्चे को पेट में दर्द होता है तो उस चीज़ को दो-तीन महीने खाने से परहेज़ करें।’

नवजात शिशु और स्तनपान पिलाने वाली महिलाओं को निम्न चीज़ें खाने से बदहज़मी, मरोड़ और एसिडिटी जैसी समस्याएं हो सकती हैं:

  • बेसन से बनी चीज़ें

  • मूंगफली

  • अंकुरित अनाज

  • अंडा और अन्य मांसाहारी आहार

अगर आपकी खानपान की आदत के कारण ही आपके बच्चे के पेट में दर्द हो रहा है तो आप हर्बल उपचार – हींगास्थक काढ़ा ट्राई करें। ये काढ़ा मां को एसिडिटी और शिशु को पेट के मरोड़ से राहत दिलाता है।

कैसे बनाएं काढ़ा

(सारी सामग्री की एक चुटकी लें)

  • अजवायन

  • शेपा (शतपुष्प बीज)

  • हींग

  • काला नमक

  • मुलैठी

  • सौंठ

इन सभी सामग्रियों को पानी में डालें और उसे उबालें। 5 मिनट तक अच्छी तरीके से उबलने के बाद इसे छान लें। खाना खाने के आधे घंटे के बाद मां अगर इस काढ़ा को पीती हैं तो इससे उनकी पाचन क्रिया बेहतर होती है। इससे मां और शिशु दोनों पेट की समस्याओं से बच जाते हैं।

चित्र स्रोत - Shutterstock


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