
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
आज भारतीय फ़िल्मों में तरह-तरह के प्रयोग हो रहे हैं। कुछ फ़िल्में बच्चों से जुड़े विषयों पर आधारित होती है तो वहीं कुछ में मॉडर्न गेम्स या जंगल बुक जैसी किताबों और कॉमिक्स कैरेक्टर्स से जुड़े किस्से दिखाए जाते हैं। लेकिन आज बच्चों के माता-पिता को जिस बात की कमी सबसे ज़्यादा महसूस होती है वह है सुंदर और अच्छे बाल गीतों की। जी हां, हिंदी सिनेमा में 70 साल पहले बोलती फिल्मों का रिवाज़ शुरु हुआ और इस लंबे समयकाल में ढेर सारे बालगीत प्रस्तुत किए गए। ये गीत अपने दौर में तो मशहूर हुए ही साथ ही आज भी बहुत से लोग इन्हें सुनने और गुनगुनाने का काम करते हैं। आज बच्चों के प्रिय चाचा नेहरू के जन्मदिन और भारतीय बालदिवस के दिन हम याद कर रहें हैं ऐसे 5 बालगीतों को जिन्हें पैरेंट्स उनके नन्हें-मुन्नों को सिखा सकते हैं।
1)नानी तेरी मोरनी को मोर ले गए....
यह कहना शायद ग़लत न होगा कि यह गीत हिंदी फ़िल्मों का सबसे लोकप्रिय बालगीत है। मशहूर बाल कलाकार ‘हनी ईरानी’ का प्यारा-सा डांस और उनकी शरारतें इस गीत को यादगार बनाती हैं।
2) नन्हा-मुन्ना राही हूं....
शांति की नगरी है मेरा ये वतन
सबको सिखाऊंगा प्यार का चलन
दुनिया में गिरने न दूंगा कहीं बम
आगे ही आगे बढ़ाऊंगा क़दम...
...इतने सुंदर शब्दों वाले गीत को भला कौन से मां-बाप अपने बच्चों तक नहीं पहुंचाना चाहेंगे! है ना।
3) लड़की की काठी..
खुशहाल बचपन और प्यारी सी कविता को संगीत के साथ पेश किया गया है इस गीत में, जो अब तक बच्चों को पसंद आता रहा है।
4) छोटा बच्चा जानके...
अगर आप भी 90 के दशक में स्कूल में पढ़ रहे थे तो आप इस गीत को भूल नहीं सकते। आदित्य नारायण की आवाज़ में गाया गया यह गीत उन दिनों आप सभी अंताक्षरी में गाते ही थे, है ना?
5) बम बम बम बोले...
हाल के कुछ वर्षों में जो फ़िल्मी बालगीत बने हैं उनमें यह गीत काफी ज़्यादा पॉप्युलर है। पहेलियां, मस्तीभरा डांस और कैची म्यूज़िक सबकुछ है इस गीत में और इसीलिए बच्चे इसे गुनगुनाना पसंद करते हैं।
वीडियो स्रोत-Youtube
चित्र स्रोत- Shutterstock