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Written By: Editorial Team | Updated : January 4, 2017 5:53 PM IST
जन्म के दौरान बच्चे के सिर पर बाल होते हैं या नहीं होते हैं यह एक अलग बात है। लेकिन जैसे-जैसे बच्चे का विकास होता है उसके बालों का भी विकास होता है। वास्तव में भारतीय लोगों की बालों को लेकर एक अलग सोच है। बच्चे के बाल स्ट्रेट हैं या कर्ली इस बात को लेकर पेरेंट्स गंभीर रहते हैं। आपको बता दें कि इस तरह की सोच एक मिथक से ज्यादा कुछ नहीं है। वास्तव में घने, मुलायम, काले बाल से कोई फर्क नहीं पड़ता है। कहने का मतलब यह है कि बालों का विकास और गुणवत्ता आपके जीन और बालों के रोम पर निर्भर है। लेकिन कुछ लोग बच्चों के बालों के विकास कुछ मिथकों पर आंख बंद करके विश्वास करते हैं। ऐसे ही कुछ मिथकों की जानकारी हम आपको दे रहे हैं।
(1) लाल मसूर का पेस्ट- कुछ लोग ऐसा मानते हैं कि जब बच्चे का मुंडन होता है, तो उसके बाद उसके सिर पर सबसे पहले लाल मसूर का पेस्ट लगाना चाहिए। लेकिन यह कोई यह नहीं जानता क्यों लगाना चाहिए? बालों के लिए लाल मसूर के क्या लाभ हैं? और आपको इसे लगाने की क्या जरूरत है?
(2) जली हुई बोरी की राख- कुछ लोग ऐसा मानते हैं कि गोदामों में अनाज के भंडारण के लिए इस्तेमाल की जाने वाली बोरी को जलाकर उसकी राख बच्चे के मुंडन के बाद सिर पर लगानी चाहिए। भला इससे अजीब कुछ बात हो सकती है क्या?
(3) अंडा- बेशक अंडा प्रोटीन का एक बेहतर स्रोत है और इसका हेयर मास्क के रूप में इस्तेमाल करने से बाल मुलायम होते हैं। लेकिन बच्चे के मामले में यह कैसे संभव हो सकता है? क्योंकि बच्चों के बाल तो पहले से ही बहुत मुलायम होते हैं। जाहिर है आप बच्चे के बालों पर अंडा लगाएं या नहीं इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है।
(4) पूर्णिमा की रात को ही बाल कटाने चाहिए- कई लोग ऐसा मानते हैं कि पूर्णिमा की रात को बच्चे के बाल कटवाने से उसके बाल लंबे और काले आते हैं। भला इससे अजीब बात कुछ और हो सकती है क्या?
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अनुवादक – Usman Khan
चित्र स्रोत - Shutterstock