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Written By: Editorial Team | Updated : January 4, 2017 5:53 PM IST
With Diwali just a few days away, you should get started with your meal planning. To help you out with some healthy & delicious recipes, here is celeb Chef Rakhee Vaswani.
दिवाली रोशनी और खुशियों का त्यौहार है और इसे अपने दोस्तों और परिवार के लोगों के साथ हंसते खेलते मनाना चाहिए। लेकिन अधिकांश लोग इस दिन हजारों रूपए के पटाखे जलाने लगते हैं, जबकि हम सबको यह पता है कि पटाखे हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ज्यादा नुकसानदायक हैं। इससे न सिर्फ ध्वनि प्रदूषण होता है बल्कि हर जगह पटाखे जलाए जाने की वजह से पूरे वायुमंडल में हानिकारक गैस फ़ैल जाती है। जिससे आपको अस्थमा, ब्रोंकाइटिस जैसी गंभीर बीमारियाँ हो सकती हैं। इसके अलावा कुछ पटाखे ऐसे होते हैं जिनकी तेज रोशनी और धुएं से आंखों को बहुत ज्यादा नुकसान होता है। छोटे बच्चे जब पटाखे जलाते हैं तो अक्सर गलती से वे पटाखे से जल जाते हैं या आंखों को चोट पहुंचा लेते हैं, इसलिए ज़रूरी है कि आप सुरक्षित दिवाली मनाएं। ओर्बिस इंटरनेशनल की वालंटियर मेम्बर डॉ सुमा गणेशा यहाँ बच्चों को ऐसी किसी इंजरी से कैसे बचाएं उस बारे में बता रही हैं।
सबसे पहले अगर पटाखे जलाते समय बच्चे की आँख या उसके आस पास के हिस्से में जल जाये तो ऐसे में उस हिस्से को रगड़ें नहीं।क्योंकि सबसे पहले आँख में कुछ भी जाने पर लोग आँख को रगड़ने लगते हैं इससे और ज्यादा नुकसान हो सकता है। सबसे पहले आंख को ठंडे पानी से धोएं जिससे उसमें मौजूद धुल और गन्दगी अपने आप हट जाती है। इसके बाद साफ़ तौलिये से बच्चे की आँख को पोछें और फिर जितनी जल्दी हो सके डॉक्टर के पास जाकर आंख की जांच करवाएं।
इसके अलावा अगर पटाखा जलाते समय गलती से बच्चे की आँख में पटाखे का बारूद या कोई कण चला जाये तो ऐसे में स्थिति काफी ख़राब हो जाती है और आँख में तेज दर्द और जलन होने लगता है। ऐसी स्थिति में आपको जल्द से जल्द डॉक्टर के पास जाना चाहिए। जब आँख में कुछ चला गया हो तो ऐसी स्थिति में कभी भी बच्चे की आंख को पानी से न धोएं नहीं तो परेशानी और बढ़ जाएगी। इसके अलावा आंख में गये बारूद के कण को हाथ से या किसी कपड़े से निकालने की गलती भी न करें। इस समय सिर्फ बच्चे की आँख को किसी साफ़ तौलिये से ढँक दें और उन्हें जल्दी डॉक्टर के पास लेकर जायें। आंकड़ों के मुताबिक हर साल दिवाली के मौके पर सभी आंखो के हॉस्पिटल में पटाखे से जलने या आँख में इंजरी होने वाले मरीजों की संख्या बहुत ज्यादा रहती है। इसलिए आप ये कोशिश करें कि इस रोशनी के पर्व को दिये जलाकर मनाएं और पटाखे बिल्कुल न जलाएं।
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अनुवादक: Anoop Singh
चित्र स्रोत: Shutterstock