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Written By: Editorial Team | Updated : January 4, 2017 5:58 PM IST
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अनुवादक: Anoop Singh
अक्सर देखा गया है कि बच्चे जब अपने जन्म के कुछ ही दिनों बाद रोना शुरू कर देते हैं तो पेरेंट्स इस बात को लेकर परेशान हो जाते हैं कि आखिर इस दर्द के पीछे क्या कारण है? मुख्यता इसके पीछे भूख लगना,पेट में दर्द होना,प्यास लगना इत्यादि कई कारण होते हैं। चिकित्सकीय भाषा में इसे कोलिक पेन (Colic pain) कहते हैं। छोटे बच्चों का अपने पैर को पेट की तरफ मोड़ कर अचानक से रोने लगना इसका मुख्य लक्षण है। बच्चों के पेट में होने वाले इस दर्द का मुख्य कारण उनके पेट में गैस का इकठ्ठा हो जाना और अपच है। ये दर्द 2 हफ्ते से 4 महीने के उम्र वाले बच्चों में सबसे ज्यादा होता है। हालांकि 4 महीने से बड़ी उम्र के बच्चों में भी कभी कभी कोलिक पेन की समस्या हो जाती है। वैसे तो बच्चों की इस समस्या से निपटने के लिये ऐसे कई घरेलु उपचार हैं जो आपके किचन में ही मौजूद हैं और ये उपचार वाकई में बहुत असरदार होते हैं। आज यहाँ प्रेगनेंसी, लैक्टेशन एंड चाइल्ड न्यूट्रीशन काउंसलर सोनाली शिव्लानी इस दर्द से बचने के कुछ आसान उपाय बता रही हैं।
पेट के बल लिटायें: छोटे बच्चे 6 महीने तक खुद से मुड़ नहीं पाते हैं इसलिये इसमें आप उनकी मदद करें। लेकिन ध्यान रखें जब उन्हें पेट दर्द ना हो रहा हो तभी इस क्रिया को करें। रोजाना अपने बेबी को थोड़ी देर पेट के बल लिटा दें इससे उसके पेट में बनी गैस आसानी से बाहर निकल जायेगी। वैसे इसका सबसे उपयुक्त समय है जब भी आप बच्चे को दूध पिलायें उसके कुछ देर बाद उसे पेट के बल लिटा दें। लेकिन इस बात का ध्यान रखें की पेट के बल लिटाते समय आप हमेशा अपने बच्चे के पास ही रहें उन्हें अकेला न छोड़ें क्योंकि 4 महीने से छोटे बच्चे बहुत देर तक अपने सिर को उठाये नहीं रख सकते। इसलिये अगर आपने उनका ध्यान नहीं रखा तो उन्हें सिर में चोट भी आ सकती है। आप रोजाना दोपहर में इसे करें इससे बच्चे के पेट की गैस की समस्या दूर हो जायेगी।
पेट की मसाज: छोटे बच्चों की इस आम समस्या से निजात पाने का दूसरा आसान तरीका है कि आप उनके पेट की मसाज करें। लेकिन इसे भी करते समय इस बात का ध्यान रखें कि इसे तभी करें जब आपका बच्चा पूरी तरह रिलैक्स हो। दर्द के समय उसके पेट की मसाज कभी न करें। बच्चों की नाभि के आस पास वाले हिस्से में अंगूठे से गोलाई में मसाज करें फिर धीरे-धीरे पूरे पेट की मसाज करें। यह आपके बच्चों को कोलिक पेन से बचाने का सबसे आसान तरीका है। याद रखें इन दोनों तरीकों को आप सिर्फ दर्द होने पर नहीं बल्कि हमेशा करें।
चित्र स्रोत: Shutterstock