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Written By: Editorial Team | Updated : January 4, 2017 5:53 PM IST
आज के समय में फैशन की धूम हर जगह है और हर कोई खुद को खूबसूरत दिखने के लिए हर हफ्ते ब्यूटी सैलून के चक्कर काटता नज़र आता है। ब्यूटी सैलून में जाने में वैसे तो कोई बुराई नहीं है लेकिन अगर आप अपने साथ अपने बच्चों को भी उन्ही सैलून में ले जाते हैं तो यह उनके स्वास्थ्य के लिहाज से सही नहीं है। अगर आप 4-5 साल की बच्ची को रेगुलर ब्यूटी सैलून में ले जाकर उसके बाल कटवाती हैं तो इस बात का ध्यान रखें कि वे जिस सैलून में जा रही हैं वहां आस पास कई लड़कियां अपना केमिकल ट्रीटमेंट भी करा रही हैं जिसके कारण आपकी बच्ची उन केमिकल के संपर्क में आकर बीमार पड़ सकती है।
सैलून में लड़कियां तरह तरह के ट्रीटमेंट करवाती रहती हैं जैसे हेयर स्ट्रैटनिंग या पेडीक्योर, मैनीक्योर इत्यादि। इन सारे ट्रीटमेंट में किसी न किसी तरह के केमिकल का प्रयोग किया ही जाता है जो कि छोटे बच्चों के लिए बहुत ही हानिकारक है। इसके अलावा छोटी छोटी बच्चियों को नेलपॉलिश न लगाने दें क्योंकि वे अक्सर अपनी उंगलियाँ मुंह में डाल लेती हैं। इससे नेलपॉलिश में मौजूद केमिकल उनके शरीर के अंदर भी जा सकता है जो कि बहुत ही हानिकारक है। इसलिए इन छोटी छोटी बातों का ध्यान ज़रूर रखें। अगर सैलून में ले जाना मजबूरी है तो इस बात का ध्यान रखें कि जब आपकी बच्ची सैलून में हो उस समय आस पास कोई हेयर कलर या केमिकल युक्त ट्रीटमेंट न करा रहा हो। खाली समय देखकर ही सैलून में प्रवेश करें।
आज कल कई मेट्रो शहरों में खासतौर पर बच्चों के लिए अलग से सैलून बनाये गये हैं जिनमें सिर्फ बच्चों के ही बाल काटे जाते हैं। इन सैलून में बड़ों के लिए कुछ भी नहीं किया जाता इसलिए अगर आप के आस पास खासतौर पर बच्चों के लिए डिज़ाइन किये हुए किड्स सैलून हों तो अपने छोटे बच्चों को वहीँ ले जायें और उन्हें केमिकल युक्त माहौल से दूर रखें।
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अनुवादक: Anoop Singh
चित्र स्रोत: Shutterstock