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Written By: Editorial Team | Updated : January 4, 2017 5:58 PM IST
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अनुवादक – Shabnam Khan
बच्चों के पेट में इंफेक्शन होना बहुत आम बात है। एक दो साल के बच्चे को हर दो तीन महीने में स्टमक फ्लू यानी पेट का इंफेक्शन हो जाए तो इसमें घबराने वाली बात नहीं है। ज़्यादातर एक्सपर्ट का मानना है कि छोटे बच्चे को साल में कम से कम तीन बार पेट का इंफेक्शन होता है। ऐसा इसलिए होता है कि इतने छोटे बच्चे किसी भी सामान को उठाकर मुंह में डाल लेते हैं और इस दौरान उनके मुंह से वायरल इंफेक्शन पेट में चला जाता है। इस दौरान जहां एक तरफ आपको बच्चे का इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वो कोई चीज़ उठाकर मुंह में न डाले, वहीं दूसरी ओर आपको उसे गाय का दूध देना बंद कर देना चाहिए। (इसे भी पढ़ें - सिरप या ड्रॉप, बच्चे को दें कैसी दवा)
सुप्रजा फाउंडेशन और अश्विनी आईवीएफ सेंटर से जुड़ी बाल विशेषज्ञ डॉक्टर गीतांजली शाह बता रही हैं कि क्यों छोटे बच्चे को पेट का इंफेक्शन या फ्लू होने पर गाय का दूध नहीं देना चाहिए। वो कहती हैं, ‘पेट का इंफेक्शन होने से बच्चों को इनफ्लेमेशन और अस्थायी रूप से लैक्टोज़ से एलर्जी हो जाती है। इससे पेट में मरोड़, दर्द, उल्टी और दस्त जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। जब आपके बच्चे को लैक्टोज़ से एलर्जी हो जाती है तो दूध पीनी या दूध के उत्पाद चीज़, पनीर आदि खाने से पाचन संबंधित समस्याएं हो जाती हैं। इसलिए अपने बच्चे के छोटे से पेट को इस इंफेक्शन से उबरने का थोड़ा वक्त दें और तब तक के लिए उसे दूध या दूध के उत्पादों से दूर रखें।’ (इसे भी पढ़ें - छोटे बच्चे की दूध की बोतल कब बदलें)
कुछ बच्चों का पेट का इंफेक्शन दो तीन दिन तक चलता है तो कुछ बच्चों को ये हफ्तेभर तक परेशान कर सकता है। तो इस दौरान उसे दूध न दें। अगर आप स्तनपान करवाती हैं तो उसे जारी रख सकती है क्योंकि उस दूध में बच्चों के लिए ज़रूरी पोषक तत्व होते हैं।
चित्र स्रोत - Shutterstock