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Written By: Editorial Team | Updated : January 4, 2017 6:01 PM IST
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अनुवादक – Shabnam Khan
जब शिशु दूध के साथ-साथ कुछ और खाना शुरू करता है, तो ये वक्त उसके लिए बहुत ख़ास होता है। इस दौरान वो जो कुछ खाता है उससे उसकी आगे की ज़िंदगी की खाने-पीने की आदतों पर काफी असर पड़ता है। वैसे कहा जाता है कि शिशु के अंदर टेस्ट की समझ पैदा करने के लिए उसे हर तरह की चीज़ें खिलानी चाहिए। लेकिन फिर भी शुरुआती दिनों में कुछ बातों का ख्याल रखना जरूरी है, ताकि शिशु को पेट और पाचन संबंधी समस्याएं न हो। इंटरनैशनली सर्टीफाइड प्रेगनेंसी, लैक्टेशन एंड चाइल्ड न्यूट्रीशन काउंसलर सोनाली शिवलानी ने ऐसी कुछ चीज़ों के बारे में बताया जो शिशु को शुरुआती दिनों में बिल्कुल नहीं खिलानी चाहिए।
1) चीनी – जब तक शिशु एक साल का न हो जाए उसे चीनी बिल्कुल नहीं खिलानी चाहिए। बल्कि कोशिश करें कि दो साल तक चीनी न खिलाई जाए। शुरुआती दिनों में चीनी खाने से बच्चे के दातों को नुकसान पहुंच सकता है, इससे उनका कैलोरी काउंट बढ़ सकता है जिससे वो मोटापे का शिकार भी हो सकते हैं।
2) नमक – आपके शिशु की किडनी पूरी तरह से विकसित नहीं हुई होती और वो नमक को प्रोसेस नहीं कर पाती। जिससे शिशु को ब्लॉटिंग और डीहाइड्रेशन हो सकता है। एक साल तक नमक न खिलाएं, उसके बाद बहुत थोड़ा-थोड़ा नमक मिलाना शुरू करें।
3) सोया प्रॉडक्ट – शिशु के लिए सोया प्रॉडक्ट अच्छे नहीं माने जाते, इसलिए बेहतर है कि आप उन्हें ये न ही खिलाएं, कम से कम तब तक जब तक उनकी पाचन क्रिया पूरी तरह से विकसित न हो जाए। क्योंकि सोया हाई प्रोटीन फूड है जिसे पचाना थोड़ा मुश्किल होता है।
4) गाय का दूध – एक साल तक के बच्चे के लिए गाय का दूध सही नहीं माना जाता। इसमें मां के दूध से कम पोषक तत्व होते हैं और कुछ ऐसे एंजाइम जो आपके शिशु के पेट के लिए ठीक नहीं है। कई बार इस दूध का लैक्टोज़ शिशु के लिए दस्त या पेट दर्द की समस्या पैदा कर सकता है।
5) शहद – भारत में बहुत लोग ये मानते हैं कि नवजात शिशु को शहद खिलाना पवित्र होता है, लेकिन लोग ये नहीं जानते कि शहद की वजह से शिशु को एक दुर्लभ प्रकार का फूड पॉयज़निंग हो सकता है।
6) नट्स – भले ही आप बादाम जैसे नट्स को कूटकर या काटकर शिशु को खिलाएं, वो उसके गले में फंस सकते हैं। शुरुआती दो सालों में शिशु को नट्स न खिलाएं, जब वो चबाने लगे तब ही खिलाएं। तब भी इस बात का ध्यान रखें कि उससे शिशु को कोई एलर्जी न हो।
7) सिट्रस फल और बेरीज़ – ये फल बुरे नहीं है, लेकिन जब शिशु खाना शुरु करे, उन दिनों में उसे ये न खिलाएं। इससे कुछ बच्चों को एलर्जी हो जाती है। इनकी जगह आप शिशु को केला, सेब, चीकू खिलाएं।
8) सीफूड – बेहतर है कि आप कम से कम 9 महीने तक शिशु को सीफूड से दूर रखें। मछली से शिशु को फूड पॉइज़निंग हो सकती है। जिन बच्चों ने सेमी-सॉलिड फूड खाना शुरू ही किया है, उन्हें मछली खाने से पेट खराब की समस्या झेलनी पड़ सकती है।
9) अंडे – जब शिशु 6 महीने के बाद कुछ ठोस खाना शुरू करता है तो आप उसे अंडा अच्छी तरह उबालकर दे सकते हैं। लेकिन बेहतर है कि इस दौरान उसे हाफ-बॉइल एग और अंडे की भुर्जी न दें।
10) मीट – शुरुआती दिनों में मीट शिशु के लिए हज़म करना मुश्किल होता है। इससे उनका पेट खराब हो सकता है इसलिए एक साल बाद मीट ट्राई करें।
11) गैस बनाने वाली सब्ज़ियां – बंदगोभी और गोभी जैसी सब्जियां शिशु के पेट में गैस बना सकती हैं और दर्द पैदा कर सकती हैं। ये सब्जियां शिशु को तब खिलाएं जब उन्हें सॉलिड फूड खाने की आदत पड़ चुकी हो।
चित्र स्रोत - Shutterstock
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