बाहर निकली नाभि इस बीमारी का हो सकती है संकेत, ऐसे करें बच्‍चे  की देखभाल

अमूमन यह बीमारी तीन से चार साल में खुद ठीक हो जाती है।

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Written By: Yogita Yadav | Published : October 4, 2018 3:56 PM IST

कई शिशुओं की नाभि बाहर को निकली हुई होती है या सामान्य से ज्यादा उभरी हुई और बड़ी होती है। इसका कारण अम्बिलिकल हर्निया हो सकता है। सामान्यत: शिशुओं में ये समस्या अपने आप ठीक हो जाती है। मगर यदि 3-4 साल की उम्र तक भी शिशु की नाभि उभरी हुई और बड़ी हो, तो ये अम्बिलिकल हर्निया का संकेत हो सकता है।

शिशु की नाभि

बच्चे के जन्म से पहले शिशु के विकास के लिए जो भी जरूरी पोषक तत्व चाहिए, वो उसे मां द्वारा गर्भनाल से मिलते हैं। ये गर्भनाल शिशु के पेट पर नाभि वाली जगह से जुड़ी होती है। जन्म के बाद शिशु के साथ ये गर्भनाल भी बाहर आ जाती है। जन्म के बाद इस नाल को बांधा जाता है और काट दिया जाता है। चूंकि इस नाल में कोई नस नहीं होती है इसलिए शिशु को दर्द नहीं होता है। अगर इसे बांधा नहीं भी जाता है, तो स्वाभाविक रूप से खुद ही बंद हो जाती है।

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क्यों होता है अम्बिलिकल हर्निया

जन्म के 3 साल बाद तक शिशु के तमाम अंदरूनी अंगों का विकास होता है। ऐसे में अगर कोई आंतरिक अंग शिशु के पेट में कमजोर हिस्से पर दबाव बनाता है, तो वो हिस्सा उभर आता है। इसी स्थिति को अम्बिलिकल हर्निया कहते हैं। बच्चों में ये हर्निया सामान्य है मगर बड़ों को भी ये समस्या हो सकती है। सामान्यतः शुरुआती दिनों में 10 प्रतिशत बच्चों में ये समस्या होती है, जिनमें से ज्यादातर बच्चों में ये अपने आप ठीक हो जाती है।

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ये है इलाज

अगर शिशु की उभरी हुई नाभि 3-4 साल की उम्र तक ठीक नहीं होती है, तो सर्जरी की जरूरत पड़ती है। कई बार बच्चे को इस हर्निया के कारण दर्द होता है या ब्लड सर्कुलेशन में समस्या आती है, तो भी सर्जरी की जरूरत पड़ती है। कई बार बच्चों के पेट में दर्द का कारण आंत में मरोड़ भी हो सकता है इसलिए ऐसी स्थिति में डॉक्टर से जरूर संपर्क करें।

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कैसे हो सकती है जांच

आमतौर पर डॉक्टर्स शिशु की नाभि देखकर अम्बिलिकल हर्निया के बारे में पता लगाते हैं। कई मामलों में एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड के द्वारा इस बात की जांच की जाती है कि अम्बिलिकल हर्निया के कारण शरीर में कोई परेशानी या किसी अंदरूनी अंग का दबाव तो नहीं है। इसके अलावा ब्लड इंफेक्शन या एस्केमिया की आशंका होने पर खून की जांच भी की जाती है।

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