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Nutritionist diet tips for kids under 5 years of age: पोषण और हेल्दी खाने के साथ हमारा सम्बंध बहुत कम उम्र से ही शुरू हो जाता है। हमारे खाने-पीने की आदतें जहां बचपन में हमारी पसंद और घर के माहौल से जुड़ी होती हैं। वहीं, माता-पिता का प्रयास यही रहता है कि वे बच्चे को संतुलित खाना खिला सकें और उसे भरपूर पोषण मिल सकते हैं। जैसा कि डाइट से जुड़ी आदतें परिवार से ही शुरू होती हैं और पेरेंट्स बच्चे की डाइट सम्बंधी सही आदतों के लिए एक मजबूत नींव रख सकते हैं। ऐसे में बच्चे संतुलित खाना खिलाने और उसे जीवन भर हेल्दी डाइटरी हैबिट्स फॉलो करने के लिए मोटिवेशन देने का काम माता-पिता कर सकते हैं।
बाल रक्षा भारत अभियान के प्रमुख डॉ. पी के मिश्रा (PK Mishra ,Head - Programme Implementation Unit, Bal Raksha Bharat/Save the Children) ने कुछ टिप्स दीं जिनकी मदद से माता-पिता अपने बच्चे को हेल्दी डाइट हैबिट्स भी सिखा सकेंगे और उन्हें सही पोषण पाने में मदद भी कर सकेंगे। पढ़ें ये एक्सपर्ट टिप्स यहां-
बच्चों को किस्म-किस्म का खाना देना चाहिये। इसका सबसे बढ़िया तरीका है कुकिंग की “ट्राइकलर’’ विधि को अपनाना। सुनिश्चित करें कि हर बार के भोजन में केसरिया, सफेद और हरा खाना हो। जैसे, केसरिया रंग के लिए आप बच्चे को दाल, साबुत अनाज से तैयार खिचड़ी वगैरह परोस सकते हैं। तो वहीं, सफेद रंग के लिए दूध, चावल या अंडे और हरे रंग के लिए हरी पत्तेदार सब्जियांबच्चे की थाली में परोसें।
अपने बच्चे को बताएं कि हेल्दी थाली कैसे बनती है। उसमें पोषण और संतुलित आहार के फायदेसमझाएं। बचपन के दिनों में दी गई पोषण से जुड़ी शिक्षा के परिणाम स्थायी होते हैं।
हर दिन कम से कम एक बार साथ बैठकर भोजन करें। जितना संभव हो, पूरे परिवार को डाइनिंग टेबल पर इकट्ठा करें।
डायनिंग टेबल पर समय बिताना केवल भूख मिटाने के लिए नहीं है। यह परिवार के लिये साथ बैठकर समय बिताने का एक बेहतरीन मौका भी होता है। बातचीत के लिये ऐसे विषय चुनें, जो हर किसी के लिये रोचक हो। भोजन का समय सभी को आराम और सुख देने वाला होना चाहिए।
इन दिनों बच्चे खाते समय टीवी और स्मार्टफोन पर लगे रहते हैं। खाते समय ऐसी चीजों से बचें। खाते समय अपने भोजन, उसके स्वाद, रंग और तापमान पर ध्यान देना सबसे बढ़िया होता है।
जरूरत से ज्यादा खाना खाने परपाचन तंत्र पर तनाव बढ़ता है और इससे मोटापा बढ़ सकता है। आमतौर पर देखा गया है कि, कैंडी, क्रैकर्स, साल्टेड पीनट्स, पिज़्ज़ा या बर्गर्स, जैसे प्रोसेस्ड फूड्स लोग जरूरत से ज्यादा खा लेते हैं। लेकिन जैसा कि इन फूड्स में बहुत ज्यादा नमक, शक्कर और फैट होता है। इसीलिए, इन सब चीजों का सेवन करते समय सावधान रहें।
फूड पैकेजेस के पीछे लिखे घटकों को पढ़ने की आदत डालें। यह अपनी डाइट में नमक, शक्कर और फैट की मात्रा को नियंत्रित करने का एक प्रभावी तरीका है। लेबल पढ़ने की आदत से आप ना केवल खुद को बल्कि अपने बच्चों को भी सही पोषण पाने में मदद कर सकेंगें।