Nightmares in Children : रात में सोते समय बुरा सपना तो नहीं देखता बच्चा, यूं रखें ख्याल

कई बार डरावनी फिल्में या टीवी शो देखने के कारण भी बच्चों को रात में सोते समय बुरे सपने आने लगते हैं। बार-बार बुरे सपने देखकर बच्चा जाग रहा है, तो इस समस्या को नजरअंदाज करना ठीक नहीं है।

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Written By: Anshumala | Published : September 29, 2019 5:29 PM IST

क्या आपका बच्चा कुछ दिनों से रात में अचानक जाग जाता है? घबरा कर रोने या चिल्लाने लगता है? उसके इस बदलाव को देखकर आपको भी कुछ समझ नहीं आ रहा कि आपके बच्चे के साथ क्या परेशानी है। दरअसल, बच्चों के साथ ऐसा तब होता है, जब वह रात में सोते समय कोई बुरा सपना (Nightmares in kids) देख रहा हो। यह सिर्फ आपके बच्चे की समस्या नहीं है। कई बच्चे, यहां तक कि बड़े भी कई बार बुरा सपना देखते है और घबराकर जाग पड़ते हैं। आप बड़े हैं, इसलिए खुद को समझा लेते हैं, लेकिन आपका छोटा बच्चा खुद को नहीं समझा पाता। कभी-कभार इस तरह के सपने आने को तो आप हल्के तौर पर ले सकते हैं, लेकिन यदि आपके बच्चे को बार-बार इस तरह के बुरे सपने (Nightmares in kids) आते हैं, तो यह आपके लिए चिंता का विषय होना चाहिए।

क्यों आते हैं बुरे सपने ?

सपने अवचेतन मन की चिंता, परेशानी, असुरक्षा, घबराहट का आईना होते हैं, जो सपने (Nightmares problem in children) के रूप में दिख जाते हैं, फिर चाहे बड़ों को दिखे या बच्चों को। कई बार तो बच्चे जो डरावनी फिल्में या टीवी शो देखते हैं, वो उसके मन में गहरे रूप से बैठ जाते हैं और रात को सपने के रूप में दिखते हैं। यदि आपके बच्चे पर किसी चीज को लेकर ज्यादा दबाव हो, तो भी ऐसे सपने आने लगते हैं।

परीक्षा के समय भी अधिकतर बच्चे इस तरह की मानसिक अवस्था से गुजरते हैं। बच्चों को अक्सर रात में यह सपना आता है कि पेपर में जितने भी प्रश्न हैं, उसे आते नहीं। कई बार तो आपका बच्चा इतना बुरा सपना देखता है कि वह डर कर पसीना-पसीना हो जाता है। तनाव, दबाव की अवस्था में बच्चों को इस तरह के सपने खूब आते हैं।

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कब आते हैं बुरे सपने

दो तरह की नींद होती है- रैपिड आई स्लीप और नन-रैपिड आई स्लीप। रैपिड आई स्लीप में ही अधिकतर सपने देखे जाते हैं। यदि आपका बच्चा अधिकतर रातें यूं ही घबराकर जाग जाता है, तो आपको चेतने की जरूरत है। जब आपके बच्चे को रात में बुरे सपने आएं (Nightmares in kids) और वह घबरा जाए तो उसका ख्याल कुछ यूं करें-

यूं रखें बच्चे का ख्याल

1 बच्चे के चीखने की आवाज से डरकर घबराएं नहीं। उसे अपनी बांंहों में लें और थपकी देकर सुलाएं। चाहें तो उसे जगाएं और बताएं कि उसने बुरा सपना देखा है, रियल लाइफ में सब कुछ ठीक है।

2 जरूरत से ज्यादा उससे हमदर्दी न जताएं। ऐसे में उसे यह महसूस हो सकता है कि बुरे सपने आने से आप उसके साथ ही रहेंगे।

3 उसे अपने गले लगाएं। थोड़ी देर उसके साथ रहें और वापस उसे सुलाकर अपने कमरे में चले जाएं। उसे बाथरूम ले जाएं, कई बार बच्चे बाथरूम जाने के बाद सामान्य अवस्था में आ जाते हैं।

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4 यदि बच्चा सो नहीं पा रहा है, तो उसके साथ सपने के बारे में बातें करें। उसे बताएं कि बुरे सपने हकीकत में नहीं होते हैं।

5 दिन में उससे इस बारे में बातें करें, उससे जानने की कोशिश करें कि कहीं उसे कोई और समस्या तो नहीं है। यदि उस पर किसी तरह का दबाव या वह तनाव है, तो उसे मनोचिकित्सक के पास लेकर जाएं।

6 रोजाना नियत समय पर उसमें सोने की आदत डालें। उस पर कायम रहने को उसे कहें। टीवी पर डरावने सीरियल्स, फिल्में बहुत ज्यादा ना देखने दें।

7 सोते समय टीवी देखने की बजाय अच्छी कहानी या शांत खेल खेलने की आदत डलवाएं। बच्चे के साथ पर्याप्त समय बिताएं, उसे स्वस्थ माहौल दें ताकि वह असुरक्षित ना महसूस करे।