Add The Health Site as a
Preferred Source
Add The Health Site as a Preferred Source

5 साल से छोटे बच्चों में इस तरह दिखते हैं एंग्जायटी के लक्षण? पेरेंट्स के सामने बार-बार बोलते हैं ये बात

बच्चों में एंग्जायटी डिसॉर्डर के कुछ लक्षण इतने साधारण होते हैं कि माता-पिता इसे समय नहीं पाते। पेट में दर्द होने का बात करना या ठीक तरह से खाना नहीं खााने जैसी आदतें एंग्जायटी का लक्षण हो सकती हैं। जानें कि बच्चों में एंग्जायटी डिसॉर्डर की पहचान कैसे की जा सकती है।

5 साल से छोटे बच्चों में इस तरह दिखते हैं एंग्जायटी के लक्षण? पेरेंट्स के सामने बार-बार बोलते हैं ये बात

Written by Sadhna Tiwari |Updated : February 17, 2025 6:58 PM IST

Anxiety disorder symptoms in toddlers: एंग्जायटी, तनाव और डिप्रेशन जैसी मेंटल हेल्थ से जुड़ी समस्याओं को आमतौर पर वयस्कों से जोड़कर देखा जाता है। लेकिन, बड़ों की ही तरह बच्चों में भी एंग्जायटी की परेशानी हो सकती है। एंग्जायटी डिसॉर्डर या बहुत अधिक घबराहट महसूस होना एक ऐसी समस्या है जो इन दिनों बच्चों में भी बढ़ते हुए दिखायी दे रही है। विशेषकर कोविड-19 महामारी और लॉकडाउन जैसी स्थितियों से गुजरने के बाद ना केवल वयस्कों बल्कि बच्चों में भी एंग्याजटी डिसॉर्डर देखा जा रहा है।

बच्चों में मेंटल हेल्थ से जुड़ी समस्याओं को पहचान पाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में माता-पिता के लिए बच्चों में मानसिक समस्याओं को पहचान पाने में दिक्कतें आ सकती हैं। टीनएजर या बड़े बच्चों में एंग्जायटी होने पर वे गुस्सा करने, झगड़ा करने या स्कूल ना जाने जैसी हरकतें कर सकते हैं। लेकिन, बहुत छोटे बच्चों में एंग्जायटी जैसी समस्याओं को व्यक्त कर पाने में दिक्कत हो सकती है। ऐसे में मां-बाप को ही बच्चे के व्यवहार पर ध्यान देने और एंग्जायटी के लक्षणों को समझने की कोशिश करनी चाहिए। आइए जानते हैं, बहुत छोटे  बच्चों में एंग्जायटी डिसॉर्डर के लक्षण-

बच्चों में एंग्जायटी के लक्षण क्या हैं? (Signs and symptoms of Anxiety disorder in toddles in Hindi)

गुस्सा और चिड़चिड़ापन

क्या आपका बच्चा अब छोटी-छोटी बात चिड़िचिड़ापन महसूस करता है या उसे जल्दी-जल्दी गुस्सा आ जाता है। तो हो सकता है कि यह एंग्जायटी की ही समस्या से जुड़ा हुआ हो। इन लक्षणों को नजरअंदाज ना करें।

Also Read

More News

खाने-पीने से जुड़े बदलाव

क्या आपका बच्चा इन दिनों ठीक तरीके से खाना नहीं खा रहा है, या उसके खाने-पीने की आदतें बदल गयी हैं। आमतौर पर एंग्जायटी से परेशान बच्चों में खाने-पीने से जुड़ी आदतें बदल सकती हैं। इसीलिए, इनकी तरफ ध्यान दें और एक्सपर्ट से मिलें।

घर से बाहर जाने से डरना

छोटे बच्चों को घर में रहना, अपने खिलौने के साथ खेलना और स्कूल ना जाने के लिए बहाने देना एक साधारण-सी बात है। लेकिन, अगर आपका बच्चा रोज ही स्कूल जाने से बचना चाहता है या घर से बाहर जाने की बात होते ही रोने लगता है तो हो सकता है कि यह एंग्जायटी डिसॉर्डर का लक्षण हो सकता है।  हो सकता है कि आपका बच्चा अगर रोजाना स्कूल जाने से मना कर रहा हो तो यह उसके मन में बैठी एंग्जायटी की समस्या के कारण ही है। इसीलिए, बच्चे की तरफ ध्यान दें और उसे डॉक्टर को दिखाएं।

Add The HealthSite as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source

बच्चों में एंग्जायटी डिसॉर्डर रोकने के लिए उपाय

  1. माता-पिता अपने बच्चे के साथ अधिक समय बिताएं।
  2. बच्चे को बेहतर महसूस कराने के लिए खुद का भी ध्यान रखें और खुद को मेंटली हेल्दी रखें। इससे, बच्चे को भी मानसिक स्तर पर बेहतर महसूस करने में मदद होगी।
  3. अगर आपको बच्चे के व्यवहार में बदलाव दिखायी दें और बच्चे की पढ़ाई-लिखायी पर इसका असर दिखायी दे रहा है तो सतर्क हो जाएं और बच्चे से बात करेँ।
  4. बच्चे को अपनी भावनाएं व्यक्त करना सिखाएं। माता-पिता खुद भी और प्रोफेशनल्स या डॉक्टर्स की मदद ले सकते हैं।

Disclaimer : प्र‍िय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्‍य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।