फास्ट रखने की जिद करता है बच्चा? जानें बच्चों को फास्ट रखने के फायदे और नुकसान

Kya Bachon ko Fast Rakhna Chahiye: बड़ों की तरह बच्चों को भी नवरात्रि फास्ट रखने का मन होता है और वे बड़ी खुशी के साथ फास्ट रखते हैं। लेकिन बच्चों को व्रत रखना चाहिए या नहीं इस बारे में हेल्थ एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : October 2, 2025 11:37 AM IST

Can Children do Fasting: नवरात्रि के मौके पर हर किसी को फास्ट रखना अच्छा लगता है, कुछ लोग पूरे 9 दिन तो कुछ 8 तो कुछ लोग 5 दिन बड़ी खुशी से व्रत रखते हैं। बीमार व बुजुर्ग भी एक या दो व्रत रखने की कोशिश करते हैं। इतना ही नहीं बल्कि बच्चों को भी व्रत रखने की बड़ी खुशी होती है, लेकिन पेरेंट्स उन्हें व्रत नहीं रखने देते हैं। लेकिन जिद के कारण कई बार बच्चे आखिरी कुछ नवरात्रि के व्रत रख लेते हैं। लेकिन क्या बच्चों का नवरात्रि के व्रत रखने सही है या फिर बच्चों के लिए यह सही नहीं है? वैसे तो व्रत के बारे में कहा जाता है कि अगर अपने स्वास्थ्य को मिलने वाले पोषण को ध्यान में रखते हुए व्रत रखा जाए तो व्रत रखना सुरक्षित माना जाता है, लेकिन क्या बच्चों को मामले में यह सही है या नहीं इस बारे में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी होता है। इस बारे में हमने डॉक्टर पूर्वी से बात की, चिल्ड्रन हॉस्पिटल हैदराबाद पीडियाट्रिशियन एंड कंसल्टेंट के रूप में सेवाएं दे रही हैं।

बच्चों के लिए फास्ट रखना कितना सही

डॉक्टर पूर्वी ने बताया कि यह काफी इंटरेस्टिंग टॉपिक है, क्योंकि बच्चे अक्सर फास्ट रखने की जिद्द करते हैं, लेकिन उनके लगातार बढ़ रहे शरीर को पर्याप्त पोषक तत्वों की भी जरूरी होता है। डॉक्टर पूर्वी ने बताया कि वैसे तो बच्चों के लिए फास्ट रखना अच्छा विकल्प नहीं है, लेकिन फिर भी उनकी उम्र की जरूरत के अनुसार उन्हें व्रत रखने की अनुमति मिल सकती है।

6 साल के कम उम्र के बच्चे

डॉ. पूर्वी के अनुसार अगर बच्चे की उम्र 6 साल या उससे कम है, तो उन्हें कभी भी व्रत यानी फास्ट रखना चाहिए। क्योंकि 6 साल के कम उम्र के बच्चों का मस्तिष्क विकसित हो रहा होता है और अगर वे फास्ट रखेंगे तो पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व न मिल पाने के कारण उसका असर सीधा उनकी ब्रेन डेवलपमेंट पर पड़ता है। इसके अलावा बच्चों का स्वास्थ्य नाजुक होता है और कई बार पर्याप्त पोषक तत्व न मिल पाने के कारण उनका ब्लड शुगर लेवल या ब्लड प्रेशर कम होने लगता है।

6 से 13 साल की उम्र के बच्चे

इस उम्र के बच्चों को भी व्रत रखने की सलाह नहीं दी जाती है, क्योंकि लंबे समय तक खाना न खाना या शरीर को पर्याप्त पोषक तत्व न मिल पाने के कारण उनके शरीर में थकान व कमजोरी जैसा रहने लगता है। ऐसे में बच्चा लंबे समय तक फास्ट रखने की सोच रहा है, तो इसके कारण न्यूट्रिशन डेफिशियेंसी यानी शरीर में पोषक तत्वों की कमी भी हो सकती है।

13 से 16 साल के बच्चे

इस उम्र का बच्चा अगर स्वस्थ है और स्वास्थ्य से जुड़ी उसको कोई समस्या नहीं है तो वह अपने पेरेंट्स की सलाह के साथ व्रत रख सकता है। ऐसे में पेरेंट्स को सुनिश्चित करना है, कि बच्चा व्रत के दौरान फलाहार आदि ले रहा है या नहीं ताकि उसके शरीर को पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व मिलते रहें। हालांकि, इस उम्र में भी बच्चों को व्रत रखने की सलाह सिर्फ तब ही दी जानी चाहिए, जब बहुत जरूरी हो।

18 साल की उम्र के बाद

उम्र 18 या उससे ज्यादा हो जाने पर फास्ट रखा जा सकता है और फिर भी इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि शरीर को पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व मिल रहे हैं या नहीं। साथ ही साथ व्रत के दौरान पर्याप्त पानी व अन्य फलों के रस आदि पीते रहने की सलाह दी जाती है, ताकि शरीर हाइड्रेट रहे। अगर किसी भी तरह की कमजोरी या थकान महसूस होती है, तो हेल्थ एक्सपर्ट्स से बात कर लेनी चाहिए।

अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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