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National Youth Day 2022: स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekanand) को उनके ज्ञान, बेबाक व्यवहार और सूझबूझ के लिए जाना जाता है। स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति को भलीभांति पहचानते थे और वे मानते थे कि अच्छे, मज़बूत और विचारों से सम्पन्न देश का निर्माण तभी हो सकेगा, जब युवा शक्ति इसमें अपना योगदान देगी। आज स्वामी विवेकानंद का जन्मदिन है और हर साल 12 जनवरी का दिन राष्ट्रीय युवा दिवस (National Youth Day 2022) के तौर पर मनाया जाता है। स्वामी विवेकानंद का व्यक्तिव हर किसी को प्रभावित कर लेता था और युवाओं के बीच दुनियाभर में स्वामी जी लोकप्रियता काफी अधिक है।
मानव जाति की सेवा और परोपकार को ही पूजा का दूसरा स्वरूप बताने वाले स्वामी विवेकानंद युवाओं को हमेशा खुद के व्यक्तिव को निखारने और समाज के कल्याण के लिए कार्य करने हेतु प्रेरित किया। आज यहां इस लेख में पढ़ें कुछ ऐसे ही संदेश जो स्वामी विवेकानंद ने एक सदी पहले दिए थे लेकिन, आज भी युवाओं को प्रेरित करते हैं। माता-पिता अपने जवान बच्चों को स्वामी विवेकानंद के जीवन से ये सीख लेने के लिए प्रेरित कर सकते हैं

स्वामी विवेकानन्द ने युवाओं को हमेशा प्रेरित किया और यंगस्टर्स को मानसिक और नैतिक स्तर पर मजबूत बनने का संदेश देते रहे। वह कहते थे कि,‘तुम सबसे अधिक शक्तिवान हो और हर तरह की ताकत तुम्हारे भीतर ही मौजूद हो। इन्हीं शक्तियों पर विश्वास करो और वह सब करने की ठानो जो तुम करना चाहते हो। अपने आपको कमज़ोर नहीं शक्तिशाली मानो।'
स्वामी जी ने युवाओं को संदेश दिया कि वे खुद को दीन-दुखी मान कर या कमजोर बनकर मरने की बजाय खुद को शक्तिशाली बनाएं। वे कहते थे कि, छोटे स्तर पर ही सही लेकिन समाज के कल्याण के लिए कार्य करने चाहिए और आवश्यकता पड़ने पर उस दिशा में लड़ने के लिए भी तत्पर रहना चाहिए।
अपने भाषणों और लेखों में हमेशा स्वामी विवेकानंद ने हमेशा युवाओं को कुछ महत्वपूर्ण संदेश देने की कोशिश की। उन्होंने युवाओं को खुद को जांचने की सीख दी कि, क्या मुश्किल समय में वे खुद को धैर्यवान रख सकेंगे और क्या वे समाज में फैले गलत व्यवहार और नीतियों के खिलाफ खड़े हो सकेंगे। स्वामी जी कहते थे कि युवाओं के पास ऐसी शक्ति होती है जो बेहतर राष्ट्र के निर्माण के साथ-साथ समाज को अच्छी दिशा देने का काम भी कर सकते हैं। इसीलिए, युवाओं को खुद को सबल बनाने और अपनी शक्ति का सही इस्तेमाल करना सीखना चाहिए।
(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गयीं पेरेंटिंग टिप्स केवल सूचनात्मक उद्देश्य से यहां लिखी गयी हैं। इन पर अमल करना या ना करना एक व्यक्तिगत निर्णय है। )