
आशु कुमार दास
आशु कुमार दास एक अनुभवी हेल्थ कंटेंट स्पेशलिस्ट हैं। इन्हें हेल्थ कंटेंट राइटर के तौर पर काम करते हुए 6 ... Read More
Written By: Ashu Kumar Das | Updated : January 23, 2026 11:35 AM IST
Medically Verified By: Dr. Shailesh Sharma
क्या आपको पता है जन्म के बाद आपके बच्चे को हॉस्पिटल में कौन सी वैक्सीन लगाई गई? उस वैक्सीन को लगवाने से बच्चे को क्या फायदा हुआ? अगर नहीं तो पेरेंट्स होने के नाते आपके लिए ये जानना बहुत जरूरी है।
National Immunization Schedule for Infants and Children: बच्चे का जन्म माता-पिता के जीवन का सबसे खूबसूरत पल होता है। लेकिन जन्म के साथ ही बच्चे की सेहत की जिम्मेदारी भी शुरू हो जाती है। नवजात शिशु की इम्युनिटी बहुत कमजोर होती है, इसलिए उसे कई गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए समय पर टीकाकरण (Vaccination) जरूरी होता है। भारत जैसे देश में आज भी ज्यादातर पेरेंट्स को इस बात की जानकारी नहीं है कि बच्चे को किस उम्र में कौन सी वैक्सीन और क्यों लगवानी चाहिए।
यही कारण है हम आपको बताने जा रहे हैं जन्म के बाद बच्चों को कौन-कौन सी वैक्सीन कब लगाना चाहिए? इस विषय पर अधिक जानकारी दे रहे हैं नई दिल्ली के मॉडल टाउन स्थित यथार्थ हॉस्पिटल के चाइल्ड केयर स्पेशलिस्ट डॉ. शैलेश कुमार शर्मा।
वैक्सीन शरीर को किसी बीमारी से लड़ने की ट्रेनिंग देती है। इसमें कमजोर या निष्क्रिय वायरस/बैक्टीरिया होते हैं, जो शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत बनाते हैं।

डॉ. शैलेश कुमार बताते हैं कि जन्म के बाद बच्चों को वैक्सीन लगाने से उनकी इम्यूनिटी मजबूत होती है और बच्चों में विभिन्न प्रकारी बीमारियों का खतरा कम होता है। जन्म के बाद बच्चों के लिए वैक्सीन लगाने से कई प्रकार के फायदे मिलते हैं। इसमें शामिल हैंः
भारत सरकार के Universal Immunization Programme (UIP) के अनुसार बच्चों को जन्म से लेकर टीएनएज तक विभिन्न प्रकार की वैक्सीन दी जाती है।
| वैक्सीन का नाम | बीमारी से बचाव |
| Pentavalent-1 | डिप्थीरिया, काली खांसी, टिटनेस, हेपेटाइटिस-B, Hib |
| OPV-1 (पोलियो ड्रॉप) | बच्चों को पोलियो जैसी घातक बीमारी से बचाने के लिए |
| IPV-1 | पोलियो से बचाव के लिए इंजेक्शन के तौर पर दिया जाता है। |
| Rotavirus-1 | डायरिया और दस्त से बचाने के लिए |
| PCV-1 | निमोनिया से सुरक्षा देने के लिए |

DPT Booster-2

| S. NO. | बच्चे की उम्र | वैक्सीन का नाम |
| 1 | जन्म | BCG, OPV-0, Hep-B |
| 2 | 6 हफ्ते | Pentavalent-1, OPV-1, IPV-1, Rotavirus-1, PCV-1 |
| 3 | 10 हफ्ते | Pentavalent-2, OPV-2, Rotavirus-2 |
| 4 | 14 हफ्ते | Pentavalent-3, OPV-3, IPV-2, Rotavirus-3, PCV-2 |
| 5 | 9 महीने | MR-1, JE-1, Vit-A |
| 6 | 16-24 महीने | MR-2, DPT Booster, OPV Booster, JE-2 |
| 7 | 5 साल | DPT Booster-2 |
| 8 | 10 और 16 साल | TT |
डॉक्टर बताते हैं कि वैक्सीन लगवाने के बाद बच्चों में कुछ साइड इफेक्ट भी नजर आते हैं। हालांकि यह साइड इफेक्ट पूरी तरह से सामान्य हैं और आमतौर पर 2 से 3 दिनों में बिल्कुल ठीक हो जाते हैं। वैक्सीन लगवाने के बाद बच्चों में नजर आने वाले साइड इफेक्ट में शामिल हैः

हां, सभी सरकारी और प्राइवेट वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित होती हैं और रिसर्च के बाद दी जाती हैं। इसके फायदे नुकसान से कहीं ज्यादा होते हैं। डॉ. शैलेश कुमार कहते हैं जन्म के बाद बच्चों का वैक्सीनेशन सही समय पर होना बहुत जरूरी है, क्योंकि ये वैक्सीन ही भविष्य में उनके स्वस्थ जीवन की नींव है।
जन्म से लेकर किशोरावस्था तक सही समय पर वैक्सीन लगाकर हम बच्चों को कई जानलेवा बीमारियों से बचा सकते हैं। माता-पिता का कर्तव्य है कि वह वैक्सीनेशन शेड्यूल को गंभीरता से लें और एक भी डोज मिस न करें।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।